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कांवड़ियों ने किया बाबा भोलेनाथ का अभिषेक

Sun, 02 Aug 2015 12:11 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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चंद्र तिथि के अनुसार सावन मास शुरू हो गए हैं। इसके साथ ही कांवड़ियों ने शिवालयों में जल चढ़ाना शुरू कर दिया है।
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टपकेश्वर मंदिर में बाबा का फूलों से शृंगार किया गया। रविवार को श्रद्धालुओं की ओर से यहां भंडारे का भी आयोजन किया जा रहा है। सूर्य संक्रमण के साथ ही पहाड़ के लोगों के लिए सावन मास शुरू हो गए थे, तो वहीं मैदान के लोग चंद्र तिथि के अनुसार सावन मास की शुरुआत मानते हैं।

गुरु पूर्णिमा के अगले दिन यानी शनिवार को इनके सावन मास की शुरुआत हो गई। इसके पहले ही दिन कांवड़ का जल भी शिवालयों में चढ़ना शुरू हो गया। पहले दिन करीब 50 कांवड़ियों ने सुबह टपकेश्वर में भोले बाबा को जल चढ़ाया। इससे पहले सुबह चार बजे मंदिर की ओर से भोले बाबा का पंचाभिषेक किया गया।
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साढ़े चार बजे श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए। मंदिर के स्वामी किशन गिरी ने बताया कि शिवरात्रि का पर्व 12 अगस्त को मनाया जाएगा। शिव बारात 27 अगस्त को निकाली जाएगी। बताया कि मंदिर में सावन मास में सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन का पूर्ण सहयोग मिल रहा है।

श्री पृथ्वीनाथ मंदिर में शनिवार से शिव-महोत्सव की शुरुआत हो गई। मंदिर के सेवादार संजय गर्ग ने बताया कि रविवार को श्रद्धालु गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार रवाना होंगे। सोमवार को गंगाजल से बाबा का विशेष अभिषेक होगा। बताया कि शनिवार से कांवड़ियों ने मंदिर में जल चढ़ाना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही पंचायती मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर आदि में भी भोले बाबा का विशेष पूजन किया गया।

चार साल से करते हैं भंडारे का आयोजन
कई वर्षों से कैटरर का काम कर रहे सुदेश सिंघल चार साल से टपकेश्वर मंदिर में भंडारे का आयोजन करते आ रहे हैं। इस क्रम में रविवार को (आज) टपकेश्वर में भंडारा होगा।

सुदेश सिंघल भले ही कई वर्षों से पेशे के तौर पर कैटरर का काम कर रहे हों, लेकिन भोले के द्वार पर उनकी कैटरिंग सिर्फ सेवा होती है। सुदेश ने बताया कि सोमवार को श्रद्धालुओं का व्रत होता है, इसलिए रविवार को भंडारा कराते हैं। इस मौके पर दिनेश नैथानी, संजय सिंघल, संजय उनियाल आदि का सहयोग रहेगा।

हरिद्वार से जल ले हजारों कांवड़िए रवाना
सावन के पहले ही दिन शनिवार को हरिद्वार से हजारों कांवड़िए गंगाजल भरकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। तेज बारिश और कीचड़ के बावजूद दिन भर कांवड़ियों का आवागमन होता रहा। मंसा देवी पर्वत से हरिद्वार के बाजारों में काफी मात्रा में सिल्ट आ जाने से कांवड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

हरिद्वार से लेकर मंगलौर तक कांवड़ पटरी पर भगवा रंग दिखाई दे रहा है। हरकी पैड़ी पर गंगाजल भरने वालों की भीड़ दिन भर लगी रही। शुक्रवार तक कांवड़िए हाईवे पर चल रहे थे लेकिन शनिवार को पुलिस ने उनको पूरी तरह से नहर पटरी पर शिफ्ट कर दिया। जहां-जहां पर पटरी से हाईवे की ओर जाने के रास्ते हैं वहां पर टीन लगा दी गई है।
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कई स्थानों पर कांवड़ियों ने हाईवे से जाने की जिद की लेकिन पुलिस ने उन्हें नहर पटरी से ही जाने को कहा। फिलहाल राजस्थान के कांवड़िए सबसे ज्यादा संख्या में नजर आ रहे हैं। हरियाणा के कुछ भागों से भी कांवड़िए पहुंच रहे हैं। इस बार आरंभ से ही कांवड़ मेला परवान चढ़ गया है, उसे देखते हुए लगता है कि भीड़ का एक नया रिकॉर्ड बन ही जाएगा।
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