एक कांवड़िए को बचाने के चक्कर में सभी कांवड़िए बहने लगे तो एक कांवड़िए दीपक ने पांच कांवडियों को जैसे-तैसे बाहर निकाल लिया लेकिन तरुण (20) पुत्र मोहन, नरेंद्र (20) पुत्र सुरेंद्र और सतीश (18) पुत्र विक्रम बह गए।
कांवड़ियों के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर जल पुलिस के जवान गंगा घाट पर पहुंचे। इधर, सप्तऋषि चौकी प्रभारी रणवीर सिंह चौहान भी तुरंत मौके पर पहुंचे।
मोटरबोट लेकर जल पुलिस ने कांवड़ियों को काफी तलाश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका। चौकी प्रभारी रणवीर सिंह ने बताया कि कांवड़ियों को सोमवार देर शाम तक तलाशा लेकिन कुछ अता पता नहीं चला। मंगलवार को भी अभियान चलाने के बाद बहे कांवड़ियों का कोई पता नहीं चला। गंगा में बही कांवड़ियों के परिजनों को सोमवार को ही सूचना दे दी गई थी। रात को ही परिजन और ग्रामीण काफी संख्या में यहां पहुंच गए थे। परिजन और ग्रामीण भी गंगा घाटों की खाक छानते रहे।