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हरिद्वार: हरकी पैड़ी के पास पहाड़ दरका, पूरा इलाका डेंजर जोन में तब्दील

Wed, 08 Aug 2018 08:28 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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हरकी पैड़ी के पास दरकी पहाड़ी - फोटो : amar ujala
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दो दिन तक लगातार हुई बारिश के कारण हरकी पैड़ी के सामने का पहाड़ मंगलवार की तड़के दरक गया। मिट्टी के लगातार कटाव और भूस्खलन से कई पत्थर हरकी पेड़ी के सामने एक सुलभ शौचालय तथा उसके आसपास की अस्थाई दुकानों पर जा गिरे। गनीमत यह रही कि किसी को कोई चोट नहीं आई। बाद में प्रशासन ने आसपास की दुकानों को बंद करा दिया।   

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भूस्खलन के कारण हरकी पैड़ी के आसपास का पहाड़ी क्षेत्र पूरी तरह डेंजर जोन बन गया है। मंगलवार सुबह करीब सात बजे पहाड़ से कई पत्थर नीचे गिरने लगे। तेजी से भूस्खलन की आशंका देखते हुए पुलिस ने पहाड़ी के नीचे की सुलभ शौचालय और आसपास की कई दुकानों को बंद करा दिया है। पुलिस कर्मियों ने सुबह जब दुकानें बंद करवाई तो क्षेत्र में खलबली मच गई।

कांवड़ियों की भीड़ क्षेत्र में एकत्रित होने से पुलिस कर्मियों के लिए समस्या बढ़ गई। समझा बूझाकर कर कांवड़ियों को निकाला। दुकानों  की ओर आवाजाही रोकने के लिए पुलिस ने सड़क पर अस्थाई डिवाइडर बना दिया है। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने पहाड़ की दरारों की तकनीकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि इस बारे में लगातार नजर रखी जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञों  को नजर रखने के साथ ही इस बारे में सुरक्षात्मक प्रभावी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।    

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हिल बाईपास भी कई स्थानों पर दरका 

kanwar
हर की पैड़ी के ऊपर तथा मंसा देवी मंदिर के नीचे बना हिल बाईपास भी कई स्थानों पर दरक रहा है। बाईपास बंद होने से कांवड़ मेला के अगले दो दिन प्रशासन पर भारी पड़ने वाले हैं। रोड पर भूस्खलन होने से सिल्ट जमा हो गई है। भीमगोडा के ऊपर किलोमीटर चार में पत्थर गिर रहे हैं। इससे हिल बाईपास को सुबह कुछ समय के लिए बंद किया। जेसीबी से कुछ मलबा हटाने के बाद दोपहर को फिर से हल्के वाहनों के लिए उसको खोला गया। इसके नीचे रेलवे ट्रैक तथा टनल (सुरंग) है। हिल बाईपास की  सिल्ट नीचे आकर उसको बंद न कर दे इसलिए सिल्ट हटाने तथा कच्ची नाली सफाई कराई जा रही है। मंसा देवी मंदिर को जाने वाले मार्ग के गेट से पहले ही पीडब्ल्यूडी की 30 मीटर की विंगवॉल में 5 से 6 मीटर तक कटाव हो रहा है। जिसको मिट्टी बैग लगाकर धंसने से रोका गया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व पार्षद लखनलाल चौहान ने बताया कि सिल्ट और पत्थरों को हटाया नहीं जा रहा है। कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं।     

प्रशासन की अनदेखी से बिगड़ रही है स्थिति              
प्रशासन की अनदेखी के कारण हर की पैड़ी से रेलवे की सुरंग तक पहाड़ की तरफ स्थिति बिगड़ती जा रही है। भूगर्भ, विज्ञानियों तथा आईआईटी के विशेषज्ञों की परीक्षण रिपोर्टें धूल फांक रही हैं। जिनमें इस पहाड़ी को बहुत ही कमजोर तथा रेतीला बताया गया था। पहाड़ के ट्रीटमेंट कराने की बातें बहुत हुई हैं, परंतु किया कुछ नहीं गया है। कपूरथला हाउस के सामने नगर निगम के शौचालयों, पानी के चार स्टैंड पोस्टों को उखाड़ कर पहाड़ खोदकर दुकानों का निर्माण होने दिया गया है। पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन को जाने वाली सीढ़ियों को दोनों तरफ अवैध रूप से कई बड़े व्यवसायिक तथा आवासीय निर्माण होने दिए गए हैं।            
      
सूखी नदी का पुल के फाउंडेशन के कटाव की रोकथाम कर दी गई है। पुल के गिरने का खतरा टल गया है और उसको टिकाऊ स्थिति में ला दिया गया है। हरकी पैड़ी क्षेत्र में चट्टान में दरार दिखाई दे रही है। भूस्खलन की संभावना को ध्यान में रखकर पुलिस ने कुछ अस्थाई दुकानों को बंद करा दिया है। दरारों का अध्ययन कराए जाने के बाद मरम्मत कराने पर विचार किया जाएगा। हिल बाईपास में सिल्ट रोज आती रहती, जिसको साफ कराना पड़ता है। विंगवाल की भी मरम्मत कराई जा चुकी है।              
- एसके गर्ग, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी हरिद्वार            
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