सावन के इस पर्व में धर्मनगरी हरिद्वार में हर ओर बम-बम बम भोले के जयकारे गूंज उठे। सावन के मौके पर हरिद्वार शहर कांवड़मय नजर आया।
उधर, सावन पहले सोमवार को कांवड़ पटरी पर भगवा नदी सी बहती दिख रही है। सरकारी दावों के मुताबिक सोमवार शाम तक हरिद्वार में करीब 26 लाख कांवड़ियों की आमद हो चुकी थी। पंचक लगे होने के बावजूद कांवड़ियों की वापसी भी तेजी से हो रही है।
सोमवार को दिल्ली और हरियाणा से बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार आए। हजारों की संख्या में दिल्ली और हरियाणा के कांवड़िए वापस लौटे। विशेष रूप से हरियाणा के गुड़गांव, फरीदाबाद आदि क्षेत्रों से कांवडिय़ों का आगमन हो रहा है। अंबाला से भी हजारों कांवड़ियों की भीड़ पहुंच रही है।
पंजाब के कईं जनपदों से हजारों कांवड़िए गंगाजल भरने आए हैं। राजस्थान और मध्यप्रदेश के ज्यादातर कांवड़ियों की वापसी हो चुकी है। राजस्थान में अब केवल गंगानगर और बीकानेर क्षेत्र के कुछ कांवड़िए दिखाई पड़ रहे हैं। इनकी वापसी भी सोमवार रात से शुरू हो गई। जिन कांवडिय़ों को दूर की यात्रा करनी है, वे या तो जा चुके हैं, या फिर सोमवार को चल पड़े हैं।