केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय उत्तराखंड सरकार के सहयोग से प्रदेश में बेरोजगारी पर हमला करेगा। प्रदेश में नए क्लस्टर, इनक्युबेशन सेंटर व ग्रामीण उद्यमिता विकसित करने को केंद्र स्थापित होंगे।
भाजपा केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए केंद्रीय एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि बीते दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात हुई। प्रदेश में ग्रामीण औद्योगिकीकरण पर हम एकमत हैं। बेरोजगारी, गरीबी और पिछड़ापन दूर करने के लिए दोनों सरकारें मिलकर बड़े स्तर पर काम करेंगी।
उत्तराखंड में स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ इन्नोवेशन रूरल इंडस्ट्री एंड एंट्रीप्रियनरशिप (एस्पाईर) योजना के तहत छोटे-छोटे इनक्युबेशन सेंटर बनाए जाएंगे। यहां पर कम पढ़े-लिखे युवाओं को बेहतरीन प्रशिक्षण दिया जाएगा। वे मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस संबंधी कोई भी काम कर सकेंगे।
इन्हें लाइवलिहुड (आजीविका) ट्रेनिंग सेंटर के तौर पर विकसित किया जाएगा, आधुनिक मशीनें होंगी। यह मॉडल उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए मुफीद रहेगा। उन्होंने कहा कि काशीपुर में एक माह के भीतर इनक्युबेशन सेंटर का लोकापर्ण होगा। छोटे-छोटे उद्यमों का जाल फैलाने के लिए रूरल सेल्फ एंप्लायमेंट इंस्टीट्यूट बड़े स्तर पर अध्ययन करेगा।
मिश्र ने कहा स्फूर्ति नामक योजना के तहत परंपरागत उद्योगों को बढ़ावा देंगे। पहाड़-मैदान के प्राकृतिक संसाधनों व सेवा क्षेत्र की क्षमताओं को देखते हुए व्यापक कार्ययोजना बनेगी। जिससे एक हाजर कारीगरों को रोजगार मिलेगा। पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, नरेश बंसल, प्रकाश पंत, उर्वादत्त भट्ट व उमेश अग्रवाल, नीलम सहगल आदि उपस्थित थे।
खादी ग्रामोद्योग आयोग ने किया है बेहतर काम
पत्रकार वार्ता में मिश्र ने बाकायदा खादी ग्रामोद्योग आयोग से आंकड़े मंगाए थे। राज्य निदेशक ओमप्रकाश व सहायक निदेशक एके गुंजयाल आंकड़ों व तथ्यों सहित पहुंचे। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 में 48 संस्थाएं आयोग के अधीन काम कर रही थीं। इन्होंने 24.05 करोड़ का उत्पादन किया।
इसके बाद इस उत्पादन से 42.43 करोड़ की बिक्री की गई। 17 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला। वर्ष 2015-16 के लिए इन 48 संस्थाओं के जरिये 32.17 करोड़ रुपए के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 53.80 करोड़ रुपए की फुटकर बिक्री का लक्ष्य है। इसी तरह प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के जरिये 2015-16 में 1036 इकाइयां स्थापित होंगी।
इसमें 20 करोड़ 72 लाख रुपए मार्जिन मनी का लक्ष्य सामने है। इसमें 15 करोड़ 50 लाख के प्रस्ताव बैंकों को भेजे गए। बैंकों ने आठ करोड़ 11 लाख रुपए मार्जिन मनी की स्वीकृति दे दी है। 318 इकाइयों को चार करोड़ 77 लाख रुपये मार्जिन मनी अनुदान दिया गया है। 8300 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है।
तथ्यों-आंकड़ों से केंद्र को उदार किया साबित
नई वित्तीय संसाधन बंटवारे व आंवटन नीति पर मिश्र ने प्रदेश सरकार के धन के कम आवंटन संबधी विलाप के बाबत कहा कि केंद्र उत्तराखंड के प्रति उदार है।
14 वें वित्त आयोग में राज्यों को आंटन 32 फीसदी से बढ़ाकर 42 फीसदी करने की बात कही। वह बोले कि उत्तराखंड को 40,967 करोड़ रुपये राशि आवंटित हुई है। कांग्रेस नीत यूपीए दो ने उत्तराखंड को पांच हजार 75 करोड़ रुपए दिए थे। जबकि नई केंद्र सरकार ने 12 हजार 366 करोड़ रुपए दिए हैं।