विवेचना के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई
आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने नियत डॉक्टर से सर्जरी नहीं कराकर किसी अन्य व्यक्ति से सर्जरी कराकर आयुष्मान योजना के मरीजों के जीवन से खिलवाड़ किया। कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand Politics: कांग्रेस सहित कई दलों को झटका, कई ओबीसी नेता हुए भाजपा में शामिल
अस्पताल की सूचीबद्धता हो चुकी है समाप्त
आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज करने के लिए कालिंदी अस्पताल भी सूचीबद्ध था। अस्पताल ने 243 मरीजों का निशुल्क इलाज किया, जिसमें 173 यूरोलॉजी, 48 जनरल मेडिसिन स्पेशलिटी, 22 जनरल सर्जरी शामिल थे। इन्हीं मरीजों के नाम पर फर्जी तरीके से क्लेम किया। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 15 मार्च 2023 को अस्पताल को नोटिस जारी करने के साथ ही योजना से सूचीबद्धता समाप्त कर दी थी।