लैंसडौन वन प्रभाग के अंतर्गत कालागढ़ टाइगर रिजर्व में अनियमितताओं की विजिलेंस ने जांच पूरी कर ली है। विजिलेंस ने दो वर्तमान आईएफएस व एक पूर्व आईएफएस समेत एक अन्य अधिकारी के खिलाफ हुई जांच की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जांच में भ्रष्टाचार, अवैध निर्माण और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों की पुष्टि हुई है। शासन की अनुमति के बाद इन चारों अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
कालागढ़ टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज में करीब 105 हेक्टेयर में टाइगर सफारी बनाई जानी थी। इसमें पिछले साल लगभग सारा काम हो गया। लेकिन, बाद में यहां अवैध निर्माण के साथ ही बिना वित्तीय स्वीकृति के सरकारी धन खर्च करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगे। शासन ने इसे गंभीर भ्रष्टाचार और आपराधिक मामला मानते हुए जांच विजिलेंस को सौंप दी थी।
विजिलेंस ने जांच के बाद मंगलवार को रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जिन चार अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, उनमें एक सेवानिवृत्त हो चुके हैं और एक अधिकारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। विजिलेंस ने इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की है। बताया जा रहा है कि शासन का इस मामले में पहले से ही सख्त रुख रहा है। लिहाजा इन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है।