केंद्र सरकार द्वारा कैलास मानसरोवर यात्रियों के लिए सिक्किम नाथुला दर्रा मार्ग की घोषणा करने का सेवानिवृत्त आईएएस सुरेंद्र सिंह पांगती ने विरोध किया है।
उनका दावा है कि यह यात्रा स्कंद पुराण के विपरीत है। कैलास यात्रियों को यदि सरकार यात्रा कराना चाहती है तो धारचूला से आगे 65 किलोमीटर मार्ग बनाने का प्रयास करे। इस मार्ग के बनने से यात्रियों को कम दूरी तय करनी पड़ेगी। साथ ही सामरिक दृष्टि से यह मार्ग सेना के काम भी आएगा।
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में सेवानिवृत्त आईएएस और प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव ने तर्क दिया कि केंद्र सरकार यदि हिमाचल प्रदेश के किन्नौर घाटी के सिप्कीला दर्रे से यात्रा कराने की बात कर विचार करती तो यह यात्रियों के लिए काफी अच्छा हो सकता था।