देहरादन। दिल्ली में हुई हिंसा को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि अब समय आ गया है कि न्यायपालिका और अधिक सक्रिय हो। यह कहना है उत्तरांचल विवि के लॉ कॉलेज पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति एवं फिजि के सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस मदन बी लोकुर का। इस दौरान उन्होंने छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए।
लॉ कॉलेज में शनिवार को न्यायमूर्ति जस्टिस मदन बी लोकुर का स्वागत विवि के चांसलर जितेंद्र जोशी ने किया। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेश बहुगुणा ने बताया कि विधिवेत्ताओं की लेक्चर सीरीज के तहत यह आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर ने कहा कि विधि है परन्तु कार्यपालिका द्वारा उसका परिपालन नहीं किया जा रहा है। कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां विधि का अभाव है। दोनों ही दशा में न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका उजागर होती है। ऐसे में सामाजिक न्याय की प्राप्ति हेतु न्यायपालिका के पास कोई विकल्प नहीं है सिवाय इसके कि वह सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने अनेकों सामाजिक समस्याओं का हवाला दिया, जहां सामाजिक न्याय को न्यायापालिका ने अहम भूमिका निभाई है। अंत में हुए खुले सत्र में छात्रों के एक साल में 95 बार इंटरनेट पर सरकारी पाबंदी लगाने के सवाल पर जस्टिस लोकुर ने कहा कि यह फ्रीडम ऑफ स्पीच एंड एक्सप्रेशन का वायलेशन है। दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति के रात को हुए तबादले के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब उन्हें आपत्ति नहीं है तो इस मसले पर बात करना बेमानी होगा। इस मौके पर विवि के वाइस चांसलर प्रो. एनके जोशी, कुमार आशुतोष, डॉ. पूनम रावत, डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।