सार
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज में दधीचि अंगदान संकल्प अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि अंगदान मानव सेवा का सर्वाेच्च कार्य है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सनातन परंपरा में दान की महत्वपूर्ण परंपरा समाहित है।
हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे जेपी नड्डा, सीएम धामी
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देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज में दधीचि अंगदान संकल्प अभियान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च कार्य है और इससे अनेक मरीजों को जीवनदान मिलता है। उन्होंने बताया कि देश के 26 राज्यों में अंगदान को बढ़ावा देने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक जन-केंद्रित बनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। केंद्र सरकार ने देशव्यापी अंगदान जनजागरण अभियान के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार का सहयोग लिया है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सनातन परंपरा त्याग और परोपकार की महान जीवन-दृष्टि पर आधारित है। उन्होंने महर्षि दधीचि और राजा शिवि के उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में दूसरों के हित में सर्वस्व समर्पण सर्वोच्च धर्म माना गया है।