दून शहर में रोपवे के लिए पहला रूट एफआरआई से घंटाकर होकर रिस्पना और दूसरा रूट आईएसबीटी से घंटाघर होकर कंडोली, मधुबन होटल तक रहेगा। एक रोपवे की परिवहन क्षमता लगभग 10 यात्रियों की होगी।
पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन में बताया गया कि उत्तराखंड में मेट्रो परियोजना के तहत सुविधा अनुसार देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार में अलग-अलग प्रणालियां विकसित की जाएगी। जिसमें देहरादून में रोपवे प्रणाली, हरिद्वार में पीआरटी पॉड टैक्सी प्रणाली और ऋषिकेश से नेपाली फार्म होकर देहरादून, हरिद्वार से नेपाली फार्म, ऋषिकेश के लिए एलआरटी लाइट मेट्रो प्रणाली स्थापित होगी।
रोपवे प्रणाली सामान्य परिवहन के रूप में स्थापित होने के बाद देहरादून में पर्यटकों और आम लोगों को सुलभ परिवहन की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही ट्रैफिकजाम की समस्या से भी निजात पाने में भी मदद मिलेगी। वर्तमान समय में भारत में कहीं भी स्थल पर रोपवे प्रणाली को सामान्य परिवहन के रूप में प्रयोग नहीं किया जा रहा है। देहरादून देश का पहला शहर होगा जहां इस प्रणाली को अपनाया जाएगा। पूर्व में देहरादून से हरिद्वार, ऋषिकेश के लिए 25 हजार करोड़ की मेट्रो रेल परियोजना बनाई गई थी, लेकिन मेट्रो रेल के लिए जितनी सवारी चाहिए थी, वे उपलब्ध नहीं हो रही थी। साथ ही पूरे शहर को कवर नहीं किया जा सकता था। ऐसे में सरकार ने मेट्रो रेल का फैसला बदला है।
- मदन कौशिक, नगर विकास मंत्री