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विनोद मेहता का मसूरी से रहा है गहरा नाता

Mon, 09 Mar 2015 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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देश के जानेमाने पत्रकार और लेखक विनोद मेहता के निधन से मसूरी के लेखकों में शोक की लहर है। पद्मश्री रस्किन बांड और प्रो. गणेश शैली ने उनकी मौत को पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
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वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता का मसूरी से पुराना रिश्ता रहा है। झड़ीपानी स्थित कमल कॉटेज में उनका बंगला है, जिसमें वे गर्मी की छुट्टियां बिताने आते थे। प्रो. गणेश शैली ने बताया कि विनोद जब भी मसूरी आते थे तो रस्किन और उनके यहां जरूर आते थे। मेहता की ‘लखनऊ ब्वाय’ पुस्तक खासी चर्चित रही।

विनोद मेहता वर्ष 1976 में पहली बार मसूरी आए थे। उस दौरान उन्होंने वाइनवर्ग ऐलन के पास स्थित मेपलवुड कॉटेज में रस्किन बांड से मुलाकात की थी। उसी दौरान प्रो. गणेश शैली की भी उनसे पहली मुलाकात हुई थी। वर्ष 2003 में भी विनोद मसूरी आए थे।
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उस वक्त क्लिफ हॉल इस्टेट में उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार सुधीर थपलियाल के घर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया था। विनोद मेहता मसूरी वुडस्टॉक में आयोजित विंटरलाइन राइटर फेस्टिवल में हिस्सा लेने भी आए थे। मसूरी में वे लगातार लेखकों और पत्रकारों से मिलते रहते थे। पायनियर के संपादक रहते भी विनोद मेहता कई बार मसूरी आए।
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दून से भी था खासा लगाव

वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता का दून से भी खासा लगाव था। वह अक्सर यहां आते जाते रहते थे। वरिष्ठ पत्रकार सतीश शर्मा ने बताया कि आखिरी बार पिछले साल लोकसभा चुनावों से ठीक एक माह पहले विनोद मेहता दून आए थे। तब उनके लिए एक टॉक शो का आयोजन किया गया था, जिसमें वह लोगों से रूबरू हुए थे और विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय और सवालों के जवाब दिए थे।

शर्मा के मुताबिक जब वर्ष 2006 में उन्होंने अपने समाचार पत्र को साप्ताहिक से दैनिक किया था तो इसका शुभारंभ मेहता ने किया था। वह अक्सर यहां के पत्रकारों और लेखकों से व्यक्तिगत तौर पर मिलते जुलते रहते थे। सतीश शर्मा ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया। कहा कि उन्होंने हमेशा एक उच्च और साफ सुथरी सोच वाली पत्रकारिता की।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने भी वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के साथ ही दुख की इस घड़ी में परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की। कहा कि उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
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