जोशीमठ में भू-धंसाव के प्रति सरकार गंभीर नहीं : आर्य
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने जोशीमठ में हो रहे भूस्खलन और भू-धंसाव के प्रति सरकार पर गंभीर न होने का आरोप लगाया है। कहा, सरकार ने जोशीमठ को बचाने के लिए अब तक कोई सार्थक प्रयास नहीं किया। सरकार प्रभावित परिवारों को विस्थापित करे।
कहा, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन के साथ ही सामरिक दृष्टि से अहम जोशीमठ शहर में भू-धंसाव से मकानों, होटलों व सरकारी प्रतिष्ठानों में दरारें आ गई हैं, पर सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही। कहा, मकानों और खेतों में दरारें आने के बाद अब हाईटेंशन लाइन के खंभे भी तिरछे हो गए हैं। औली रोपवे के विशाल पोल भी तिरछे हो रहे हैं। इससे आसपास के घरों को खतरा पैदा हो गया है। माल्टा और सेब के पेड़ दरार गहरी होने से गिरने शुरू हो गए हैं। जोशीमठ निवासी ढहते मकानों को छोड़कर सड़कों के किनारे अलाव के सहारे रातें काट रहे हैं।
कहा, जोशीमठ नगर में करीब दो हजार मकान हैं। सरकार की ओर से करवाए गए प्रारंभिक सर्वे में 581 मकानों में दरारें आ चुकी हैं। आरोप लगाया कि स्थानीय लोग 20 से 25 हजार की आबादी वाले जोशीमठ की बर्बादी के लिए अनियंत्रित, अदूरदर्शी विकास को जिम्मेदार मान रहे हैं। कहा, एक ओर तपोवन विष्णुगाड परियोजना की एनटीपीसी की सुरंग ने जमीन को भीतर से खोखला कर दिया है। वहीं, बाईपास सड़क निर्माण शुरू कर जोशीमठ की जड़ पर खुदाई की गई है।