शहरों में ड्रेनेज व सीवर सिस्टम बनाएं, श्रेणीवार चिन्हित करें
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के जिन शहरों में समुचित ड्रेनेज प्लान एवं सीवर सिस्टम नहीं हैं, उनमें ड्रेनेज एवं सीवर सिस्टम के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य योजना बनाई जाए। शहरों को श्रेणी वार चिन्हित किया जाए।
फाइनल रिपोर्ट के बाद आगे की योजना पर तेजी से काम हों
उन्होंने कहा कि जोशीमठ में भू-धसांव के कारणों को लेकर सभी तकनीकी संस्थानों एवं वैज्ञानिकों की रिपोर्ट आते ही आगे की योजना पर तेजी से कार्य किया जाए। भू-धंसाव क्षेत्र के अध्ययन की फाइनल रिपोर्ट के बाद ट्रीटमेंट के कार्य तेजी से सुनिश्चित किए जाएं।
कुछ लोग ऐसी स्थिति दिखा जैसे पूरा उत्तराखंड खतरे में है और डूब रहा है
जोशीमठ भू-धंसाव को लेकर देश में विभिन्न जगहों पर बैठे कुछ लोग सोशल मीडिया पर उत्तराखंड की स्थिति को भयावह दर्शा रहे हैं। वे जोशीमठ समेत पूरे प्रदेश के बारे में ऐसा दर्शा रहे हैं कि यह खतरे में है और डूब रहा है। जबकि वास्तव ऐसा कुछ नहीं है। जोशीमठ में ही 70 फीसदी लोग सामान्य जीवन जी रहे है। यह व्यथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्त की।
राज्य सचिवालय में मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने जोशीमठ भू-धंसाव के बारे में सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही खबरों पर चिंता जाहिर की। बकौल सीएम, सबसे बड़ी बात यह है कि देश भर के लोग ट्वीटर और सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तराखंड की स्थिति को बहुत भयावह दर्शा रहे हैं।
मैं कहना चाहता हूं कि ऐसी स्थिति नहीं है। गलत खबरों से उत्तराखंड में ही नहीं पूरे देश में नकारात्मक संदेश जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में हर साल लाखों की संख्या में लोग आते हैं। ऐसे गलत संदेश नहीं जाने चाहिए कि उनमें गलत संदेश न जाए। उन्होंने अपील की कि देश के विभिन्न स्थानों पर बैठकर इस प्रकार के संदेश देना बंद करें।