बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में सोमवार को दूसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही सुचारु नहीं हो पाई है। हाईवे अवरुद्ध होने से 230 तीर्थयात्री लामबगड़ में तीन किमी पैदल और फिर वाहन से बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर पहुंचे, जबकि 450 तीर्थयात्री धाम की यात्रा कर अपने गंतव्य को लौटे। बदरीनाथ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए करीब 250 स्थानीय श्रद्धालु भी लामबगड़ में पैदल ही चलकर बदरीनाथ धाम पहुंचे।
शनिवार रात को भारी बारिश के दौरान लामबगड़ नाले का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे यहां हाईवे करीब 20 मीटर बह गया था। मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए थे। अभी तक भी यहां हाईवे सुचारु नहीं हो पाया है, जबकि लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में भी चट्टान से लगातार बोल्डर के साथ मलबा हाईवे पर आ रहा है, जिससे हाईवे को सुचारु नहीं किया जा सका है। लामबगड़ में हाईवे अवरुद्ध होने से सबसे अधिक दिक्कत असहाय तीर्थयात्रियों को झेलनी पड़ रही है।
जोशीमठ के एसडीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि लामबगड़ में मौसम सामान्य होने पर ही हाईवे को सुचारु किया जा सकता है। सुरक्षा को देखते हुए यहां पर यात्रा वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। लामबगड़ में तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए चाय और पानी की निशुल्क व्यवस्था की गई है।