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Iजोशीमठ भू-धंसाव का सामरिक और धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मंडल रेल प्रबंधक अजय नंदन का कहना है कि यह परियोजना हर हाल में 2024-25 में पूरी की जाएगी।I
Iसामरिक महत्व की महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को समय से पूरा करने के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड दिन-रात युद्धस्तर पर काम कर रहा है। उन्होंने इन बातों को सिरे से खारिज कर दिया कि रेल परियोजना का जोशीमठ आपदा से कोई लेना-देना है। बता दें कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना केंद्र की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। इस परियोजना की लाहत 16,216 करोड़ है। 125 किमी लंबे ट्रैक में से 105 किमी हिस्सा 17 सुरंगों से गुजरेगा। इसके लिए विदेशों से मंगाई गई टनल बोरिंग मशीन आदि का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह परियोजना वर्ष 2019 में शुरू हुई थी।I