हमेशा विवाद में रही योजना
- 1988-89 में पहली बार योजना को मिली थी मंजूरी
- 30 साल से चल रहा था विवाद
- 2021 में केन्द्र सरकार ने दी थी हरी झंडी
रिपोर्ट में देखा जाएगा कि बाईपास का काम शुरू करने से जोशीमठ भू-धंसाव से उत्पन्न हुआ खतरा बढ़ेगा तो नहीं। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो बिना किसी इंतजार के बाईपास का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. रंजीत सिन्हा, सचिव अपादा प्रबंधन विभाग
हमें अब आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के इंतजार है। हरी झंडी मिलते ही हम काम का तेजी से आगे बढ़ाएंगे।
- मेजर आईना, कमान अधिकारी, बीआरओ