बदरीनाथ यात्रा और सेना की जरूरतों को देखते हुए प्रदेश सरकार बाईपास निर्माण को शीघ्र शुरू कराना चाहती है। इसके तहत आईआईटी रुड़की को इस संबंध में सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा गया था। जिसमें संस्थान को यह बताना था कि बाईपास निर्माण का काम शुरू करने पर ऊपर जोशीमठ में भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र में कोई असर तो नहीं पड़ेगा जबकि संस्थान ने इसके विपरीत अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इसमें कहा गया है कि जोशीमठ में भूधंसाव का बाईपास निर्माण पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने आईआईटी की ओर से रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर बाईपास निर्माण शुरू किए जाने का फैसला नहीं लिया जा सकता है।
संस्थान से जो रिपोर्ट मांगी गई थी, यह उसके बिल्कुल विपरीत है। इसके लिए आईआईटी रुड़की से पुनः रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भी सूचित किया गया है।