Joshimath Is Sinking: जोशीमठ शहर से करीब दो किलोमीटर दूर सलूड़ और सेलंग नामक स्थान पर डंप किया जा रहा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने बताया कि होटल व निजी भवन स्वामियों की प्रशासन के साथ हुए समझौते के आधार पर भवनों के भारी सामान को भवन स्वामी ही निजी वाहनों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
भू-धंसाव के चलते असुरक्षित भवनों को ध्वस्त करने के बाद निकला मलबा जोशीमठ शहर से करीब दो किलोमीटर दूर सलूड़ और सेलंग नामक स्थान पर डंप किया जा रहा है। ये डंपिंग जोन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से बदरीनाथ हाईवे पर चयनित किए गए हैं।
माउंट व्यू और मलारी इन होटल से निकल रहे सरिया, टिन की चद्दर, लोहे के एंगल के साथ ही खिड़की, दरवाजे, शीशे आदि सामान को भवन स्वामी की ओर से ही सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र पटवाल और सहायक अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि होटल व असुरक्षित भवनों के मलबे को बीआरओ के पूर्व में बनाए डंपिंग जोन में निस्तारित किया जा रहा है। होटल व निजी भवन स्वामियों की प्रशासन के साथ हुए समझौते के आधार पर भवनों के भारी सामान को भवन स्वामी ही निजी वाहनों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।