ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तत्काल तीनों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश अधीनस्थों को दिए। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दरगाह मजार शरीफ के अंदर पहुंची। वहां एक कर्मचारी जमशेद उर्फ जिम्मू दरगाह में दान के पैसों की अवैध वसूली करता मिला।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के साथ आए मेहमान से ही अवैध वसूली की गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तत्काल उक्त कर्मचारी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने लंगरखाने का निरीक्षण किया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने बताया कि दरगाह कर्मचारियों की लगातार शिकायत मिल रही थीं। इसी के तहत यह कार्रवाई की गई। इससे पहले भी जून में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट तीन कर्मचारियों और दो अन्य व्यक्तियों को पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली करने के मामले जेल भेज चुकी हैं।