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Jitendra tyagi: तन्हाई बैरक में कटी त्यागी की रात, सुबह पांच बजे उठकर की पूजा, अखबार पढ़कर किया नाश्ता

Sun, 04 Sep 2022 07:51 AM IST
अनुराग सक्सेना संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार।

सार

जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी ने शुक्रवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। आत्मसमर्पण करने के बाद उनको जिला कारागार रोशनाबाद भेज दिया गया था। शुक्रवार की रात को उन्हें तन्हाई बैरक में रखा गया। वहीं शनिवार की सुबह त्यागी सुबह पांच बजे उठे। इसके बाद स्नान किया और जेल में बने मंदिर में पूजा व जप किया।
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जितेंद्र त्यागी - फोटो : अमर उजाला- फाइल फोटो
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विस्तार
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धर्म संसद में नफरती भाषण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अदालत में आत्मसमर्पण कर जेल पहुंचे उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी ने तन्हाई बैरक में रात काटी। सुबह उठकर पूजा और जप किया। स्नान करने के बाद अखबार पढ़ा और फिर नाश्ता किया।

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जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी ने शुक्रवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। आत्मसमर्पण करने के बाद उनको जिला कारागार रोशनाबाद भेज दिया गया था। शुक्रवार की रात को उन्हें तन्हाई बैरक में रखा गया। वहीं शनिवार की सुबह त्यागी सुबह पांच बजे उठे। इसके बाद स्नान किया और जेल में बने मंदिर में पूजा व जप किया।

इसके बाद अन्य बंदियों की तरह ही उन्हें भी जेल के मेन्यू के हिसाब से नाश्ता दिया गया। नाश्ता करने के बाद उन्होंने अखबार और किताबें पढ़ी। दोपहर को खाना और शाम के समय चाय भी पी। रात को भी उन्होंने जेल में बना खाना ही खाया। शनिवार को उनसे जेल में मिलने के लिए कोई भी परिचित नहीं पहुंचा। जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि त्यागी ने शनिवार को कोई खास डिमांड जेल प्रशासन से नहीं की है।

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आनंद स्वरूप ने त्यागी की जान को बताया खतरा

धर्म संसद में विवादित भाषण से चर्चाओं में आए जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी के आत्मसमर्पण करने के बाद काली सेना प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप ने जेल में उनकी जान को खतरा बताया है। उन्होंने जेल प्रशासन और जिला प्रशासन के साथ ही मुख्यमंत्री से जेल के अंदर त्यागी की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि इससे पहले भी जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी को धमकी भरे फोन और पत्र आते रहे हैं। कुछ लोगों ने जिला कारागार में जितेंद्र नारायण त्यागी को मारने की साजिश भी रची थी, लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रशासन से मांग की है कि वह उनकी सुरक्षा का ध्यान रखें, क्योंकि कुछ लोग उनकी जान के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं।

जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि जिस तरह कि सुविधाएं आम कैदियों को दी जाती हैं, वहीं जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी को उपलब्ध कराई गई हैं। उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान कारागार में रखा जा रहा है। मनोज कुमार आर्य ने कहा कि जितेंद्र नारायण त्यागी को हरिद्वार जिला कारागार में किसी तरह का खतरा नहीं है।
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