कुछ देर बाद संतोष (35) सो गया। बताया जाता है कि महेंद्रपाल ने संतोष पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। संतोष के चीखने चिल्लाने पर बगल के कमरे में सो रहे रिश्तेदार हरिओम और अखिलेश आ गए।
संतोष को मेट्रो अस्पताल ले जाया गया, जहां से हॉयर सेंटर रेफर किया गया। देर रात ही उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। एसओ देवराज शर्मा ने बताया कि करीब एक साल पहले मृतक संतोष ने महेंद्र की पत्नी यानी अपनी रिश्ते की बहन और उसके पिता की बुरी तरह पिटाई कर दी थी।
मारपीट में गंभीर चोट लगने के कारण महेंद्र की पत्नी अब तक लंगड़ाकर चलती है। एसओ ने बताया कि तब से ही महेंद्र ने बदला लेने की ठानी हुई थी और देर रात शराब पीने के बाद उसने पुराने विवाद का किस्सा छेड़ दिया।
एसओ ने बताया कि पुराने विवाद में मृतक को तीन माह जेल में गुजारने पड़े थे। उन्होंने बताया कि आरोपी महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। संतोष के भाई अन्ने सिंह ने महेंद्रपाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।