भक्तों को दरबार साहिब में झंडे जी पर दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का मौका अब अगली सदी में ही मिल सकेगा।
अब बुकिंग कराने पर वर्ष 2100 के बाद के सालों में ही बारी आएगी। दर्शनी गिलाफ चढ़ाने के लिए आगामी 85 सालों (वर्ष 2100) तक की बुकिंग हो चुकी है। सोलन (हिमाचल प्रदेश) के मलिक सिंह के नाम वर्ष 2100 का दर्शनी गिलाफ बुक हुआ है।
झंडे जी पर जहां एक दर्शनी गिलाफ चढ़ाया जाता है। वहीं 20 शनील के गिलाफ ही चढ़ते हैं। इसके अलावा सादे गिलाफों के लिए पंजीकरण भी शुरू हो गए हैं। इनकी संख्या एक हजार तक पहुंच गई है।
दरबार साहिब के कार्यालय प्रभारी बीपी सकलानी ने बताया कि जलंधर (पंजाब) के महेंद्रराम को इस साल दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का मौका 25 साल बाद मिला है। हालांकि उनकी बारी पिछले साल आ गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से वह दरबार साहिब नहीं पहुंच पाए थे।
उन्होंने बताया कि शनील के गिलाफ की बुकिंग वर्ष 2037 तक के लिए हो चुकी है। वर्ष 2037 में शनील गिलाफ गुरविंद्र सिंह रोपण (पंजाब) के नाम से बुक है। अपनी मन्नत के लिए लोग झंडे जी को गिलाफ चढ़ाते हैं। मन्नत पूरी होने पर गाजेबाजों संग झंडे जी पूजन को पहुंचते हैं।
पंजाब से पहुंची पहली संगत
दून में 11 मार्च से झंडे जी का मेला शुरू हो जाएगा। मंगलवार को पंजाब से पहली संगत दरबार साहिब पहुंच गई। महंत देवेंद्र दास ने कांवली गांव पहुंचकर संगत का स्वागत किया। इसके साथ ही संगत के दरबार साहिब पहुंचने पर प्रसाद वितरण एवं अरदास की गई।