सीएम हरीश रावत ने एक बार फिर केंद्र को लपेटे में लिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि केंद्र की खराब सड़कों की वजह से राज्य के चारधाम यात्रा और पर्यटन पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि चारधाम यात्रा और कैलाश मानसरोवर यात्रा में बीआरओ और नेशनल हाईवे की सड़कों का बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा आता है। खस्ताहाल हिस्सों के चलते राज्य केपर्यटन पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। यात्रा यहां की आर्थिकी से जुड़ी है।
हमारी कोशिश है कि इस बार यात्रा में बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आएं। इसी के मद्देनजर पांच मार्च को दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से नेशनल हाईवे को लेकर और डायरेक्टर जरनल बार्डर रोड (डीजीबीआर) से बीआरओ केअधीन सड़कों को लेकर मिलूंगा।
सीएम का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों को अगर बजट को दिक्कत है तो राज्य सरकार फिलहाल उनकी मदद करने को तैयार है। वहीं जो हिस्सा वे बनाने में असमर्थ हैं उसे पीडब्ल्यूडी को देकर बनवाया जा सकता है। उनका कहना है कि सड़क मार्गों पर मोबाइल संपर्क को लेकर ब्रॉडबैंड आदि को लेकर भी केंद्र से बात करेंगे।
राष्ट्रपति को देंगे चारधाम यात्रा प्रगति की जानकारी
रावत का कहना है कि वे दिल्ली जाकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलकर उन्हें चारधाम यात्रा की प्रगति की जानकारी देंगे। उनका कहना है कि चारधाम यात्रा का सरोकार सिर्फ उत्तराखंड से नहीं, बल्कि यह राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ा है।
दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम चारधाम यात्रा में पड़ने वाले नेशनल हाईवे और बीआरओ की खराब सड़कों के समय पर निर्माण को लेकर केंद्रीय मंत्री और डायरेक्टर जरनल बार्डर रोड से मिलेंगे। सीएम ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी।
गंगोत्री हाईवे को बजट नहीं, बीआरओ हाथ खड़े किए
रविंद्र थलवाल/ उत्तरकाशी
गंगोत्री धाम आने वाले यात्रियों की राह इस बार भी आसान नहीं होगी। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बजट के अभाव में हाईवे को दुरुस्त करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन ने लोनिवि के माध्यम से सड़क को दुरुस्त कराने की कवायद शुरू कर दी, लेकिन बजट मिलने और टेंडर की लंबी प्रक्रिया के चलते यात्रा शुरू होने तक सड़क का ठीक होना संभव नहीं है।
गंगोत्री हाईवे 2012-13 की बाढ़ से बदहाल है। कई स्थानों पर भूस्खलन और भूधंसाव के कारण बरसात में हल्की बारिश से हाईवे कई दिनों तक बंद हो जाता है। धरासू नालूपाणी, रतूड़ीसेरा, बडेथीचुंगी, गंगोरी, नेताला आदि स्थानों पर वाहनों का आवागमन मुश्किल हो रखा है।
इस बार 21-22 अप्रैल को यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल जाएंगे। कई लोग अच्छा यात्रा सीजन चलने की उम्मीद लगाए हैं। सरकार भी यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे परे है। गंगोत्री हाईवे का जिम्मा संभाले बीआरओ ने बजट के अभाव में सड़क दुरुस्त करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
यात्रा को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोनिवि प्रांतीय खंड उत्तरकाशी एवं निर्माण खंड भटवाड़ी से सड़क को दुरुस्त करवाने की कवायद शुरू कर दी, लेकिन बजट मिलने तथा टेंडर की लंबी प्रक्रिया के चलते डेढ़ माह में सड़क का ठीक होना संभव नहीं है।
इन स्थानों पर होना है काम
लोनिवि प्रांतीय खंड उत्तरकाशी धरासू से गंगोरी के बीच नालूपाणी, डुंडा, सिंगोटी, बंदरकोट, मातली, बडे़थी चुंगी तथा लोनिवि निर्माण खंड भटवाड़ी भुक्की कुज्जन, सुक्की टॉप पांच स्थानों के साथ गंगनाणी में सड़क को दुरुस्त करेगा।
गंगोत्री हाईवे पर धरासू-नालूपाणी से गंगोत्री तक करीब 16 करोड़ के काम होने हैं। बजट मिलने के बाद करीब एक माह टेंडर प्रक्रिया में लगेगा। इसके बाद सड़क पर काम शुरू हो पाएगा।
- अशोक कुमार, ईई प्रांतीय खंड उत्तरकाशी
बीआरओ के पास बजट का अभाव है। इसलिए यात्रा को देखते हुए कुछ स्थानों पर लोनिवि से गंगोत्री हाईवे को दुरुस्त करवाया जा रहा है। 21 अप्रैल तक यात्रा तक सड़क को ठीक कर दिया जाएगा।
- इंदुधर बौड़ाई, डीएम उत्तरकाशी