दो दिन पहले की लगने लगी दुकानें
झंडे जी मेले के लिए दरबार साहिब के पास सहित श्री राम मंदिर, शिव मंदिर व राधाकृष्ण मंदिर के आसपास दो दिन पहले से ही मेले की रेहड़ी-पटरी लग गई है। पूजा पाठ की सामग्री समेत खिलौने, साज-सज्जा के सामान, खानपान उत्पाद आदि की स्टॉलें भी लग चुकीं हैं।
होशियारपुर के केसर चढ़ाएंगे गिलाफ
पंजाब के गांव सिमली तहसील गढ़शंकर होशियारपुर निवासी केसर सिंह पुत्र तेज सिंह 25 मार्च को दरबार साहिब में दर्शनी गिलाफ चढ़ाएंगे। कई दशकों के इंतजार के बाद गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त होने से केसर सिंह के परिवार में खुशी है।
गुरु राम राय ने की थी मेले की शुरुआत
श्री गुरु राम राय महाराज का पर्दापण (देहरादून आगमन) सन् 1676 में हुआ था। गुरु महाराज ने श्री दरबार साहिब में लोक कल्याण के लिए एक विशाल झंडा लगाकर लोगों को इसी ध्वज से आशीर्वाद प्राप्त करने का संदेश दिया। इसी के साथ श्री झंडा साहिब के दर्शन की परंपरा शुरू हो गई। महाराज को देहरादून का संस्थापक कहा जाता है। गुरु राम राय महाराज सिखों के सातवें गुरु हर राय के ज्येष्ठ पुत्र थे। उनका जन्म होली के पांचवें दिन वर्ष 1646 को पंजाब के जिला होशियारपुर (अब रोपड़) के कीरतपुर में हुआ था।
गिलाफ सिलने का काम हुआ तेज
शुक्रवार सेे गिलाफ सिलने का काम तेज हो गया। महिलाएं गिलाफ तैयार करने के काम में जुटी हुईं हैं। झंडे जी पर तीन तरह के गिलाफों का आवरण होता है। सबसे भीतर की ओर सादा गिलाफ (मारकीन गिलाफ), मध्यभाग में शनील का गिलाफ , सबसे बाहर की ओर दर्शनी गिलाफ चढ़ाया जाता है।
विदेशी संगतें रहेंगी आकर्षण का केंद्र
झंडे मेले में विदेशाी संगतें आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मेले में कनाडा, अमेरिका, यूके, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी आदि देशों से संगतें पहुंचने लगीं हैं।