बेटे का सैंपल ही नहीं लिया, तो डीएनए कैसे हुआ?
सीबीआई जांच पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए पीड़िता ने कहा कि तत्कालीन जांच महज एक औपचारिकता थी। जांच एजेंसी उनसे अस्पताल में सिर्फ एक बार मिलने आई थी। उन्होंने दावा किया कि जब उनके बेटे का सैंपल लिया ही नहीं गया, तो पूर्व में डीएनए टेस्ट कैसे संपन्न हुआ? उन्होंने मांग की कि मामले का केस तुरंत री-ओपन किया जाए। उनके बेटे का हरक सिंह रावत के साथ दोबारा डीएनए टेस्ट कराया जाए। सच्चाई सामने लाने के लिए वह खुद नार्को टेस्ट कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
बेटा पूछता है बाप कौन है, उसे उसका हक चाहिए
भावुक जेनी ने कहा कि मेरा बेटा अब बड़ा हो गया है। मुझसे पूछता है कि उसका पिता कौन है। उसे समाज में अपने पिता का नाम और अपना जायज हक चाहिए। उन्होंने बताया कि दिल्ली में भी उन्होंने बच्चे को नाम देने का अनुरोध किया था, लेकिन उनके साथ बदतमीजी की गई। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार और प्रभाव के चलते उन्हें न्याय नहीं मिल सका था, लेकिन हाल ही में जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से इस संदर्भ में बात कही गई, तो उन्हें न्याय की उम्मीद जगी और उन्होंने देहरादून आने का फैसला किया। उन्होंने सीएम धामी से सुरक्षा की गुहार भी लगाई है।
जेनी का आरोप- हरक सिंह रावत ने मेरे साथ किया दुष्कर्म, सरकारी गाड़ी से मसूरी और होटल ले गए
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे और उसके बेटे को न्याय मिलना चाहिए। महिला ने बताया कि जब वह देहरादून में थी, तब प्रिंस चौक स्थित एक एसटीडी बूथ पर काम करती थी। वहां हरक सिंह रावत का एक कार्यकर्ता फोन करने आता था। महिला के अनुसार, उसने उस कार्यकर्ता से काम दिलाने के लिए कहा था। उसे बताया गया कि टिहरी गढ़वाल में एक संस्था के रिसेप्शन पर काम मिलेगा, लेकिन उसे यमुना कॉलोनी स्थित हरक सिंह रावत के घर ले जाया गया।
उसने आरोप लगाया कि हरक सिंह रावत की सरकारी गाड़ी से उसे कई बार बाहर घुमाने ले जाया गया। इनमें मसूरी और एक होटल जाना भी शामिल था। महिला ने कहा कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में उसने हरक सिंह रावत से अपने बच्चे को नाम देने की बात कही थी, लेकिन वहां उसके साथ बदतमीजी की गई।
महिला ने बताया कि वह एक बार अपने बेटे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए देहरादून आई थी। उसे देहरादून में दोबारा कदम न रखने के लिए कहा गया था। उसने कहा कि जब मुख्यमंत्री ने उसका नाम लिया तो उसने यहां आने के बारे में सोचा। इसके लिए उसने मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।
डीएनए जांच पर सवाल उठाते हुए महिला ने कहा कि जब जांच के लिए कोई आया ही नहीं तो डीएनए टेस्ट कैसे हुआ? उसने बताया कि वह डीजीपी को शिकायत दे चुकी है। कहा कि उसका वकील उससे केवल हस्ताक्षर करवाता है। उसने मांग की कि उसे और उसके बेटे को न्याय मिलना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में महेंद्र भट्ट के नाम को लेकर पूछे जाने पर महिला ने कहा कि वह महेंद्र भट्ट को नहीं जानती।
कुछ दिन पहले सामने आया था वीडियो
वीडियो में महिला बोल रही है कि ''मैं जेनी हूं... असम की रहने वाली हूं। देखिए, आप लोग जो गंदगी मचा रखे हैं, राजनीति कर रहे हैं मेरे नाम को लेके... मेरे साथ क्या हुआ, क्या नहीं हुआ, किसी ने नहीं पूछा। आज इतने वर्षों के बाद मेरे बारे में एक-दूसरे... मतलब लांछन लगा रहे हैं। मेरे बारे में इतनी गंदी-गंदी टिप्पणियां कर रहे हो आप लोग, है ना? रही बात मेरे साथ किसने क्या किया, क्या नहीं किया, वो मुझे पता है।
ये भी पढे़ं...मंत्री रेखा आर्या के पति गिरफ्तार: जेल में ही मनेगी साहू की दिवाली, प्रेस कॉन्फ्रेंस में होंगे कई अहम खुलासे
विद प्रूफ के साथ मैं आप लोगों के सामने आऊंगी। जो भी है, मेरे साथ जो हुआ था 2003 में, या उस बीच में, जो भी हुआ मैं आप लोगों को बताऊंगी। लेकिन अभी मेरे बारे में जो भी आप लोग बातें कर रहे हो, एक-दूसरे के ऊपर.. इसका डीएनए करो, उसका डीएनए करो... आप लोग कौन होते हो? ठीक है ना? ये सब मत करिए। मैं खुद अपनी जुबान से बताऊंगी मेरे साथ क्या हुआ है। क्या नहीं हुआ। ठीक है ना। बस मैं इतना ही कहना चाहती हूं अभी।