सामान्य परिवार की बेटी स्वाति ने पांच साल पहले इंजीनियर बनने का सपना देखा। अब वह सपना हकीकत में बदलने जा रहा है। स्वाति ने जेईई मेन परीक्षा में 92.019 परसेंटाइल स्कोर किया है।
देहरादून में नवादा निवासी स्वाति सक्सेना के पिता कृष्ण कुमार घर पर ही आटा चक्की चलाकर गुजारा करते हैं। बेटी को पढ़ाना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उनकी चाहत के आगे सभी छोटे पड़ गए। स्वाति ने हिम ज्योति स्कूल से 12वीं पास की।
इसके बाद बलूनी क्लासेज ने मुफ्त में इंजीनियरिंग की कोचिंग दी। नतीजतन उसने जेईई मेन परीक्षा में 92.019 परसेंटाइल हासिल कर मान बढ़ाया। स्वाति के परिवार में इससे खुशी की लहर है। स्वाति ने बताया कि उन्होंने सातवीं कक्षा से ही इंजीनियर बनने का सपना देखा था। वह मैकेनिकल इंजीनियर बनना चाहती हैं।
बलूनी क्लासेज के एमडी विपिन बलूनी ने बताया कि चूंकि स्वाति होनहार थी और आगे बढ़ना चाहती थी। इसलिए उन्होंने उसे कोचिंग देकर आगे बढ़ने में मदद की है। स्वाति घर में काम और चक्की में भी हाथ बंटाती है। घर में माता-पिता के अलावा एक छोटा भाई है, जो 9वीं कक्षा में पढ़ता है।
एडीजी एवं वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर आईजी नार्थवेस्ट फ्रंस्टियर, आईटीबीपी दीपम सेठ के छोटे बेटे आर्यमन मिहिर सेठ ने जेईई मेन परीक्षा में 99.925 परसेंटाइल हासिल की है। इससे पूर्व उन्होंने 12वीं की परीक्षा में भी पूरे प्रदेश में टॉप किया था।
शुक्रवार देर रात आए जेईई मेन-2 के नतीजों में एडीजी दीपम सेठ के छोटे बेटे आर्यमान मिहिर सेठ ने नाम रोशन कर दिया। उन्होंने जनवरी में हुई जेईई मेन-1 परीक्षा में 99.942 परसेंटाइल हासिल किया था। उनका सपना एस्ट्रो फिजिक्स में शोध करना है।
एनटीएसई, किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना की फैलोशिप पास करने वाले आर्यमन ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट और राष्ट्रीय पदक विजेता हैं। उनके बड़े भाई शुभांकर सेठ ने आईआईटी बांबे से इंजीनियरिंग की है।