इसी दौरान उसका पैर फिसला और वह लगभग 20 मीटर नीचे काली नदी में गिर गया। सूचना मिलते ही तहसीलदार विपिन चंद मुंदगली, पटवारी धारचूला हुकुम सिंह धामी, थानाध्यक्ष धारचूला विजेंद्र शाह,थानाध्यक्ष पांगला नरेंद्र अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर एसडीआरएफ के जवानों के साथ ढूंढ़खोज शुरू की लेकिन कुछ पता नहीं चल सका।
पिथौरागढ़ से तवाघाट पहुंचे ग्रिफ के कमान अधिकारी ले.कर्नल प्रदीप कुमार ने मजदूरों के साथ काली नदी में गिरे कुंजु की तलाश शुरू की। पांच घंटे की मशक्कत के बाद घटनास्थल से लगभग आठ सौ मीटर दूर उसका शव मिला।
कमान अधिकारी ने अन्य अधिकारियों की मदद से कुंजु का शव सड़क तक पहुंचाया। पंचनामा भरने के बाद धारचूला में उसके शव का पोस्टमार्टम किया गया। ले.कर्नल प्रदीप कुमार ने बताया कि आपरेटर कुंजु का शव यहां से दिल्ली तक वाहन से भेजा जाएगा। दिल्ली से हवाई जहाज से केरल भेजा जाएगा।