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अकेले 300 चीनी सैनिकों को ढेर करने वाले जांबाज का किरदार निभाने वाले कलाकार ने खोले राज

Sun, 20 Jan 2019 10:20 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मसूरी
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अविनाथ ध्यानी
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गढ़वाल के जांबाज सैनिक राइफलमैन जसवंत सिंह रावत के अदम्य साहस की गूंज पहाड़ों की रानी मसूरी में भी गूंजी। जसवंत के जीवन पर आधारित बॉलीवुड फिल्म 72 ऑवर्स शुक्रवार को नगर के सिनेमाघर में रिलीज हुई। फिल्म को परशुराम नौटियाल, उनकी पत्नी सुलोचना देवी, राजेंद्र गोयल, शशि गोयल आदि ने सराहा है।

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फिल्म में युद्ध के दौरान राइफलमैन जसवंत सिंह के डायलॉग ‘हम और हमारे बक्से लौटें न लौटें, हमारी कहानियां जरूर घर लौटेगी’ और ‘जब तक जसवंत सिंह रावत बॉर्डर पर डटा है दुश्मनों को अपने मुल्क की एक इंच भी जमीन लेने नहीं देगा’ ने दर्शकों में देशभक्ति का जज्बा बढ़ा दिया।

वीर योद्धा जसवंत सिंह रावत का किरदार निभाने पर गर्व है

अमर उजाला से फोन पर वार्ता करते हुए फिल्म के लेखक, निर्माता, निर्देशक व मुख्य अभिनेता अविनाश ध्यानी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने वीर योद्धा जसवंत सिंह रावत का किरदार निभाया। बड़ा प्रोडक्शन हाउस न होने और एक ऐसे वीर की शौर्य गाथा पर फिल्म बनाने में कई चुनौतियां आईं। 7000 फीट ऊंची चोटियों पर जनवरी के सर्द मौसम में शूटिंग की गई। जिसमें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।  

अविनाश ध्यानी ने कहा कि वे एक साधारण परिवार से हैं। उनके पिता भी सेवानिवृत्त फौजी हैं। फिल्मों में करियर बनाने में माता-पिता का काफी सहयोग मिला। बताया कि उन्होंने कक्षा सात में ही निश्चय कर लिया था कि वह एक्टर बनेंगे। जिसके लिए उन्होंने मार्शल आर्ट सीखा और ब्लैक बेल्ट भी हासिल की। उसके बाद कक्षा 11 में देहरादून में रंगमंच की ओर कदम बढ़ाया। जिसमें रंगकर्मी अभिषेक नंदोला के साथ मिलकर कई कार्यक्रम किए गए।
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कभी तो होली सुबैर से करियर की शुरुआत की

गढ़वाली फिल्म निर्देशक अनुज जोशी की फिल्म कभी तो होली सुबैर से करियर की शुरुआत की। उसके बाद गढ़वाली फिल्म मंस्वाज में अभिनय किया। जिसके बाद कई गढ़वाली फिल्मों में अभिनय किया। उनका बॉलीवुड का सफर 2016 में आई फिल्म फ्रेडरिक से शुरू हुआ।

ध्यानी ने कहा कि यदि केंद्र व राज्य सरकार फिल्म 72 आवर्स को टैक्स फ्री करती है तो वीर जसवंत सिंह रावत के लिए और अधिक सम्मान की बात होगी। टैक्स फ्री होने पर फिल्म के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जसवंत सिंह के साहस और बलिदान की कहानी पहुंचेगी। यह कहानी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
  
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