नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदा बेन के ऋषिकेश में 'छिपे' होने की खबर मिलते ही पतंजलि योगपीठ में खलबली मच गई।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि नीलकंठ मंदिर के पास अथवा योगग्राम में जसोदा के ठहरे होने की खबर हास्यास्पद है।
हम न तो जसोदा बेन को पहचानते हैं और न किसी ने उनके बारे में बाबा रामदेव अथवा मुझसे कोई संपर्क किया है। आचार्य बालकृष्ण ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कथित रूप से शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के माध्यम से फैलायी गई खबर एकदम भ्रामक है।
जसोदा बेन का आना कोई अपराध नहीं
पतंजलि के किसी भी आश्रम में न तो जसोदा बेन आयी है और न आने की कोई सूचना है। अंग्रेजी पत्रिका में छपे लेख और उसके आधार पर प्रकाशित खबरों से उन्हें आश्चर्य हुआ।
पतंजलि पीठ में गुजराती यात्री देश के अन्य यात्रियों की भांति आते रहते हैं। यदि जसोदा बेन आएं भी तो भला इसमें क्या कोई अपराध है। एक सीधी सादी महिला को लेकर भ्रामक बातें फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि नीलकंठ के पास उनका कोई आश्रम नहीं है। दान में मिले दो कक्ष हैं जिनमें कुछ ब्रह्मचारी रहकर जड़ी-बूटियों पर काम करते हैं। यहां किसी यात्री को ठहराया ही नहीं जाता। आचार्य ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नरेंद्र मोदी अवश्य पतंजलि योगपीठ आएंगे।
जसोदा बेन 28 अप्रैल के बाद हरिद्वार आएंगी
अपने संबंधियों और पड़ोसियों के साथ नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदा बेन चारधाम यात्रा पर निकली हुई हैं। रामेश्वरम्, द्वारिका और पुरी की यात्रा पूरी करने के बाद बद्रिकाश्रम जाने के लिए वे हरिद्वार आएंगी।
जसोदा बेन किस और कितने बड़े ग्रुप में शामिल है, कोई नहीं जानता। उन्हें तलाशने के लिए पंडो के साथ-साथ मीडिया भी आश्रमों में भटकता फिर रहा है।
माना जा रहा है कि जसोदा बेन 28 अप्रैल के बाद हरिद्वार आएंगी। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर जाने के लिए 28 से गुजरात के कुछ बड़े दल हरिद्वार आ रहे हैं। सप्तसरोवर स्थित गुजरातियों के कच्छी आश्रम में करीब दो सौ गुजराती 28 की शाम पहुंच रहे हैं।
आ रहा है 80 गुजरातियों का दल
भारत माता मंदिर के समन्वय भवन में ठहरने के लिए 80 गुजरातियों का दल आ रहा है। स्वामी चिन्मयानंद के परमार्थ आश्रम, शांतिकुंज तथा रेलवे स्टेशन स्थित गुजरात भवन में भी गुजरातियों के बड़े दल आ रहे हैं।
माना जा रहा है कि इन्हीं में से किसी दल में जसोदा बेन शामिल होंगी।
गंगोत्री, यमुनोत्री, केदार और बद्री के कपाट 2 मई से 5 मई के बीच खुलने वाले हैं। जाहिर है, चारधाम यात्री 30 अप्रैल अथवा 1 मई को हरिद्वार से रवाना होंगे। जिस दल में जसोदा बेन है, वह दल भी इन्हीं दो तारीखों में चारधाम जा सकता है।
जसोदा बेन कहां ठहरेगी, यह जानने के लिए गुजरात क्षेत्र के पंडे और मीडियाकर्मी आश्रमों में भटक रहे हैं। किसी भी आश्रम के प्रबंधक को यह पता नहीं है कि अलबत्ता जसोदा बेन किस ग्रुप में शामिल है।