जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत आशाओं और प्रसूताओं को मिलने वाली राशि अब सीधे लाभार्थियों के खाते में स्थानांतरित की जाएगी। स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से अस्पतालों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। इससे न सिर्फ आशाओं और अस्पताल प्रबंधन की मनमानी पर रोक लगेगी बल्कि लाभार्थी प्रसूताओं और विभाग को भी बड़ी राहत मिलेगी।
जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को 1200 रुपये की राशि दी जाती है, जबकि आशाओं को 600 रुपये दिए जाते हैं। पहले यह राशि नगद और बाद में चेक के माध्यम से दी जा रही थी। इसके बावजूद इसमें गड़बड़िय़ा और शिकायतें सामने आती रहीं।
कई बार आ चुकी हैं शिकायतें
अलग-अलग स्थानों पर कई बार स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की ओर से चेक देने के एवज में पैसे मांगने की भी शिकायतें आईं। यही नहीं सैकड़ों की संख्या में एक्सपायरी चेक बरामद भी किए गए, जो लाभार्थियों को नहीं दिए गए। अब इन समस्याओं से राहत मिलने वाली है।
कारण कि केंद्र सरकार के निर्देश पर योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे खाते में भेजने की तैयारी कर ली गई है। इसके तहत योजना की राशि आशाओं और प्रसूताओं को सीधे खाते में प्रदान की जाएगी। इससे न सिर्फ अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग को तमाम खानापूर्ति से राहत मिलेगी, बल्कि प्रसूताओं और आशाओं को भी सहूलियत होगी।
इस संबंध में सिविल अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डा. संजय कंसल का कहना है कि जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली राशि अब सीधे खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल में ही प्रति माह 250 से अधिक डिलीवरी होती है। नई व्यवस्था से न सिर्फ लाभार्थियों को राहत मिलेगी, बल्कि अस्पताल प्रबंधन का काम भी आसान हो जाएगा।