मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरीश रावत, कर्नल कोठियाल
- फोटो : अमर उजाला
विधानसभा चुनाव 2022 में मतदाताओं ने भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरों तक को नकार दिया। इसके साथ ही यह मिथक भी बरकरार रहा कि कोई मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए अगला चुनाव नहीं जीत पाया। विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ दल भाजपा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चेहरे पर चुनाव लड़ा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित तमाम केंद्रीय नेताओं ने उन्हें अगली पारी के लिए भी आशीर्वाद दिया था, लेकिन खटीमा विधानसभा सीट से सीएम पुष्कर सिंह धामी चुनाव हार गए। कांग्रेस प्रत्याशी भुवन चंद्र कापड़ी ने वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में हुई अपनी हार का बदला ले लिया।
भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच दिखी कांटे की टक्कर
उधर, कांग्रेस की ओर से चुनाव अभियान समिति की कमान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को सौंपी गई थी। वह भी अघोषित तौर पर पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री का ही चेहरा माने जा रहे थे, लेकिन उन्हें भी लालकुआं सीट पर मुंह की खानी पड़ी। रावत को भाजपा के डॉ. मोहन बिष्ट ने 17 हजार से अधिक वोटों से हराया।
ये भी पढ़ें...उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर भाजपा में लॉबिंग, कैबिनेट मंत्री महाराज और सुबोध उनियाल दिल्ली पहुंचे
वहीं, आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे कर्नल अजय कोठियाल (सेनि) को भी गंगोत्री की जनता ने नकार दिया। कोठियाल की सबसे बुरी हार हुई। वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए और उन्हें करीब छह हजार वोटों से ही संतोष करना पड़ा। इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच ही कांटे की टक्कर देखने को मिली।