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Uttarakhand: पांच साल में सभी घरों तक नहीं पहुंच पाए नल, जल जीवन मिशन के तहत 11 जिलों में 58 हजार घर हैं बाकी

Thu, 05 Sep 2024 05:29 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

जल जीवन मिशन के तहत अभी 11 जिलों में 58 हजार घर बाकी हैं। 31 मार्च को योजना अवधि पूरी होने के बाद एक साल के लिए बढ़ी थी।
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नल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पांच साल में भी शत-प्रतिशत घरों तक पेयजल कनेक्शन नहीं दिए जा सके। चार जिलों में काम काफी धीमा है। कनेक्शन का लक्ष्य पूरा करने में पौड़ी पहले स्थान पर है।

जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के 14 लाख 51 हजार 826 घरों में हर घर नल से जल पहुंचाना था। अब तक 13 लाख 93 हजार 546 घरों में पानी के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। योजना की अवधि 31 मार्च को खत्म हो गई थी, जिसे केंद्र ने एक साल बढ़ा दिया था। 58,280 भवन ऐसे हैं जहां पेयजल निगम अभी तक पानी का कनेक्शन नहीं पहुंचा पाया है।

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इस बीच जल जीवन मिशन में कई जिलों में गड़बड़ियां भी सामने आने लगी हैं। अल्मोड़ा में गड़बड़ियों, गलत निर्माण पर एक जेई निलंबित हुआ है, बाकी अधिकारियों पर भी शिकंजा कसने वाला है। यहां योजना का काम काफी धीमा चल रहा है। हालांकि मुख्य अभियंता मुख्यालय संजय कुमार का कहना है कि योजना के तहत 95.99 घरों तक कनेक्शन जा चुके हैं। जल्द ही काम पूरा हो जाएगा।

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किस जिले में कितने घर हैं बिना नल-जल

जिला शेष भवन

हरिद्वार 17,070

अल्मोड़ा 14,190

नैनीताल 13,316

ऊधमसिंह नगर 8982

चंपावत 587

टिहरी 166

बागेश्वर 132

चमोली 50

देहरादून 42

उत्तरकाशी 15

पौड़ी 02

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जल जीवन मिशन को चाहिए चार हजार करोड़

जल जीवन मिशन का काम पूरा करने के लिए अब राज्य को केंद्र से चार हजार करोड़ रुपये बजट की दरकार है। बीच में कुछ पैसा मिला था लेकिन वह अपर्याप्त था। अब इंतजार है कि पुराने कार्यों का उपयोगिता प्रमाणपत्र जाने के बाद केंद्र आगे का बजट जारी करेगा। आपको बता दें कि इस योजना के तहत पहले सभी घरों में पानी का कनेक्शन लगाया जाना था और इस आधार पर ही पेजयल योजनाएं बनाई जानी थीं।

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