इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि जगद्गुरु स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज अध्यात्मिक जगत की महान विभूति थे। वे राम मंदिर आंदोलन की मौजूदा प्रक्रिया से भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे। बाबा रामदेव ने कहा कि समय समय पर उनका मार्गदर्शन मिलता रहा।
उन्होंने कहा कि जगद्गुरु स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज के जो भी संकल्प हैं उन्हें पूरा कराने में समूचा संत समाज सहयोग करेगा। उनके आश्रमों की गतिविधियों को संचालित कराने में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
जयराम आश्रम के अधिष्ठाता ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने भी ब्रह्मलीन संत को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए बहुत योगदान किया। इस दौरान स्वामी हरिचेतनानंद, बाबा हठयोगी, सतपाल ब्रह्मचारी, स्वामी ऋषिश्वरानंद, महावीर वशिष्ठ, महंत कमलदास, महंत ईश्वरदास, गौरी शंकर दास, महंत दिलीनदास, धर्मदास, मनोज महंत, अनिल मिश्रा आदि मौजूद रहे।