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Uttarkashi: आईटीआई धौंतरी, 2019 से ताले में बंद है युवाओं का भविष्य, ग्रामीणों ने दान की थी जमीन

Thu, 09 Apr 2026 01:32 PM IST
Renu Saklani संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी

सार

आईटीआई धौंतरी के लिए ग्रामीणों ने करीब 20 नाली भूमि दान की थी। लेकिन इसका संचालन और निर्माण वर्षों से लटका है।

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उत्तरकाशी के राजकीय इंटर कॉलेज के एक कमरे में पड़ा आईटीआई का समान - फोटो : जागरूक पाठक
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विस्तार
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शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान धौंतरी का संचालन और निर्माण वर्षों से लटका है। स्थिति यह है कि संबंधित विभाग को इसकी जानकारी ही नहीं है कि वहां पर पिछले नौ वर्षों में कितना खर्च हुआ है। इसकी जानकारी अब निदेशालय स्तर से कार्यदायी संस्था से मांगी गई है। अनदेखी के कारण आईटीआई का सामान राजकीय इंटर कॉलेज के एक कमरे में खराब हो रहा है।

वर्ष 2014 में धौंतरी भेटियारा में ग्रामीणों ने आईटीआई के निर्माण के लिए करीब 20 नाली भूमि दान की थी। उसके बाद शासन की ओर से नामित कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम की ओर से वहां पर भूमि समतलीकरण सहित पिलर, सड़क आदि का निर्माण शुरू किया गया। साथ ही प्रशिक्षण एवं सेवा योजन निदेशालय की ओर से राजकीय इंटर कॉलेज धौंतरी में फीटर ट्रेड शुरू कर कक्षाएं संचालित की लेकिन वर्ष 2019 के बाद उसे बंद कर वहां पर प्रवेश नहीं लिए गए।

आईटीआई धौंतरी की नहीं ले रहा कोई सुध

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स्थिति यह है कि निदेशालय को अब करीब नौ वर्ष बाद इसकी संस्थान में हुए निर्माण कार्यों की जानकारी को लेकर प्रक्रिया शुरू की गई। निदेशालय की ओर से कार्यदायी संस्था से अब तक हुए खर्च कर ब्यौरा मांगा गया है। स्थानीय निवासी राजू दास का कहना है कि लंबा समय होने के बाद भी आईटीआई धौंतरी की कोई सुध नहीं ले रहा है जबकि वहां पर करीब एक करोड़ की धनराशि खर्च हो गई है।

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आईटीआई बड़कोट के प्रधानाचार्य हरि प्रसाद सेमवाल का कहना है कि स्थानीय लोगों की ओर से वहां पर कार्य रोका गया था। इस संबंध में अब निदेशालय स्तर से प्रक्रिया शुरू की जा रही है। कार्यदायी संस्था से वहां पर खर्च हुई धनराशि का ब्यौरा मांगा जा रहा है।

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