आईटीआई धौंतरी के लिए ग्रामीणों ने करीब 20 नाली भूमि दान की थी। लेकिन इसका संचालन और निर्माण वर्षों से लटका है।
शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान धौंतरी का संचालन और निर्माण वर्षों से लटका है। स्थिति यह है कि संबंधित विभाग को इसकी जानकारी ही नहीं है कि वहां पर पिछले नौ वर्षों में कितना खर्च हुआ है। इसकी जानकारी अब निदेशालय स्तर से कार्यदायी संस्था से मांगी गई है। अनदेखी के कारण आईटीआई का सामान राजकीय इंटर कॉलेज के एक कमरे में खराब हो रहा है।
वर्ष 2014 में धौंतरी भेटियारा में ग्रामीणों ने आईटीआई के निर्माण के लिए करीब 20 नाली भूमि दान की थी। उसके बाद शासन की ओर से नामित कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम की ओर से वहां पर भूमि समतलीकरण सहित पिलर, सड़क आदि का निर्माण शुरू किया गया। साथ ही प्रशिक्षण एवं सेवा योजन निदेशालय की ओर से राजकीय इंटर कॉलेज धौंतरी में फीटर ट्रेड शुरू कर कक्षाएं संचालित की लेकिन वर्ष 2019 के बाद उसे बंद कर वहां पर प्रवेश नहीं लिए गए।
आईटीआई धौंतरी की नहीं ले रहा कोई सुध