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Iग्राफिक एरा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने कहा, विज्ञान अंधेरे की तरफ न ले जाए इसके लिए अध्यात्म जरूरी है। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में साइंस, स्पिरिचुअलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी विषय पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी का रविवार को समापन हो गया।I
Iसंगोष्ठी में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। उन्होंने कहा, युवाओं को अध्यात्म के प्रति प्रेरित करना जरूरी है। ताकि, उनके व्यक्तित्व का विकास हो सके। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि शिक्षा के साथ शास्त्रों के बारे में भी जानकारी दी जाए। पर्यावरणविद् पद्म भूषण डॉ. अनिल जोशी ने कहा, आज के युवाओं को भोगवादी सभ्यता से दूर रखना होगा। इससे संस्कृति को आगे बढ़ाया जा सके। डॉ. जोशी ने महाकुंभ का उदाहरण देते हुए कहा, महाकुंभ अध्यात्म का एक प्रतीक है।
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Iविवि के कुलपति डाॅ. नरपिन्दर सिंह ने कहा, विज्ञान समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन अध्यात्म चेतना से जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने कहा, छात्र-छात्राओं में अध्यात्म के प्रति जागरुकता बढ़ाने की जरूरत है। कर्नल अजय कोठियाल ने छात्र-छात्राओं से माता-पिता के प्रति सम्मान रखने की बात कही। इस मौके पर गांव सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, सिम्मी महाजन, कुमार गौरव, डॉ. प्रभा लामा, डाॅ. प्रतिभा नैथानी, डाॅ. प्रदीप शर्मा, डाॅ. सुमन नैथानी आदि मौजूद रहे।
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Iयह रहे विजेता
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Iइस अवसर पर पोस्टर प्रेजेंटेशन का भी आयोजन किया गया। इसमें पहला स्थान श्वेता उपाध्याय ने हासिल किया। दूसरे स्थान पर प्रज्ञा मिश्रा और अनुराग मौर्य रहे।I