हाईकोर्ट ने रिटायर्ड वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र प्रसाद और 14 अन्य को वेतन वृद्धि देने के खंडपीठ के आदेश की अवमानना करने पर अध्यक्ष इसरो डॉ. के. राधाकृष्णन को अवमानना नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने कहा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष सोमवार को मामले की सुनवाई हुई।
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वेतन में दो बार वृद्धि
रिटायर्ड वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र प्रसाद और 14 अन्य ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि 1998 में केंद्र सरकार ने याचिकाकर्ताओं के वेतन में दो बार वृद्धि की थी।
उन वेतन वृद्धियों के आधार पर सारे वेतन भत्तों के लिए भी विचार किया जाना चाहिए था। पूर्व में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने तीन अगस्त, 2012 को आदेश पारित कर इसरो अध्यक्ष को कहा था कि वेतन भत्तों के लिए यह वृद्धि अनुमन्य होगी।
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हाईकोर्ट के आदेश का नहीं हुआ पालन
अवमानना याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट के इस आदेश के बावजूद इसका पालन नहीं किया गया। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अवमानना पर अध्यक्ष इसरो डॉ. के. राधाकृष्णन को अवमानना नोटिस जारी कर कहा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए।