दिव्यांग अभ्यर्थी से कंप्यूटर टाइपिंग की परीक्षा लेने का मामला सामने आया है। दाएं हाथ से 50 फीसदी दिव्यांग अभ्यर्थी को टाइपिंग में असफल होने के बाद भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। जबकि, अभ्यर्थी का कहना है कि भर्ती की विज्ञप्ति में टंकण परीक्षा की शर्त शामिल ही नहीं थी। यहां भर्ती प्रक्रिया के दौरान चयन में अनियमितता ही नहीं, संवेदनहीनता भी बरती गई।
पिछले वर्ष सितंबर में एनएचएम के तहत सीएमओ कार्यालय ने विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया की विज्ञप्ति जारी की थी। इस वर्ष 31 जनवरी को इन पदों पर चयन प्रक्रिया हुई। 26 फरवरी को परिणाम घोषित किए गए। भर्ती विज्ञप्ति के तहत हरसीला निवासी दिव्यांग उम्मेद सिंह ने भी आवेदन किया था। विज्ञप्ति में कंप्यूटर टंकण की परीक्षा की शर्त न होने के बावजूद दिव्यांग से टंकण की परीक्षा ली गई। उम्मेद दाहिने हाथ से 50 फीसदी विकलांग है। इसके चलते वह टंकण नहीं कर पाया। उसे असफल घोषित कर पद पर किसी अन्य की नियुक्ति कर दी गई।
भर्ती के दौरान एक दिव्यांग से टंकण की परीक्षा लेने से चयन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। दिव्यांग आवेदक का कहना है कि विज्ञप्ति में टंकण की परीक्षा की शर्त होती तो वह अपनी फजीहत कराने के लिए आवेदन ही नहीं करता। दिव्यांग ने भर्ती में अनियमितता के साथ ही चयन कमेटी की संवेदनहीनता पर भी सवाल उठाए हैं।
अनियमितता की जांच की मांग
दिव्यांग अभ्यर्थी ने एनएचएम भर्ती में अनियमितता का आरोप लगाया है। मंगलवार को दिव्यांग ने डीएम से मिलकर अनियमितता की शिकायत की। बताया कि विज्ञप्ति में टंकण की शर्त न होने के बाद भी परीक्षा ली गई।
दिव्यांग से टंकण की परीक्षा लेना अव्यावहारिक है। विज्ञप्ति में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। इस प्रकरण की जांच की जाएगी।
- रंजना राजगुरु, डीएम, बागेश्वर
एनएचएम भर्ती में यहां भी बरती गई अनियमितता
एनएचएम के तहत पिछले वर्ष दिसंबर में सीएमओ कार्यालय के माध्यम से विभिन्न पदों पर भर्ती आयोजित की गई थी। बागेश्वर में कांडा के कांडेकन्याल निवासी दीप चंद्र पंत ने काउंसिलर पद के लिए आवेदन किया था। इस पद पर पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में नौ साल के अनुभव को दरकिनार कर अन्य की नियुक्ति कर दी गई। अभ्यर्थी का आरोप है कि विज्ञप्ति में केवल साक्षात्कार का जिक्र था लेकिन बिना सूचना और जानकारी के लिखित और कंप्यूटर परीक्षा भी ली गई। इसके बाद अभ्यर्थी ने तत्कालीन प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत से अनियमितता की शिकायत की थी। प्रभारी मंत्री ने इस वर्ष 20 अप्रैल को स्वास्थ्य सचिव को जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया की जांच के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए।
शासन को रीमाइंडर भेजेंगी डीएम : काउंसिलर पद के अभ्यर्थी दीप चंद्र पंत ने मंगलवार को डीएम से मुलाकात की। उन्होंने भर्ती में अनियमितता की अब तक जांच न होने की शिकायत की। अभ्यर्थी ने सीएमओ कार्यालय पर भी जांच में लीपापोती करने का आरोप लगाया। कहा कि अभी तक स्वास्थ्य सचिव ने भी जांच नहीं की है। उन्होंने शासन स्तर पर भर्ती की जांच कराने की मांग की। डीएम ने अभ्यर्थी को जांच के संबंध में शासन को रीमाइंडर भेजने का भरोसा दिया।