नैनीताल हाईकोर्ट ने इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) और पीएसी के अभ्यर्थियों की विशेष अपील को स्वीकार कर एकलपीठ के आदेश को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने आईआरबी, पीएसी के अभ्यर्थियों को रैंकर्स भर्ती में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही यह भी साफ कर दिया गया है कि अपनी नियुक्ति के समय आरक्षण का लाभ ले चुके लोगों को पदोन्नति के समय दोबारा आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता है।
सोमवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पुलिस कर्मी मोहन सिंह बिष्ट व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि आईआरबी व पीएसी सिविल पुलिस का हिस्सा नहीं हैं।
एकलपीठ ने इन अभ्यर्थियों को नहीं माना था पात्र
नैनीताल हाईकोर्ट
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राज्य सरकार ने पीएसी और आईआरबी को रैंकर्स दरोगा पदोन्नति में शामिल किया था। इस आदेश को रवि विष्ट व अन्य ने स्पेशल अपील दायर कर चुनौती दी थी। अपील में कहा गया था कि आईआरबी और पीएसी की ट्रेनिंग की सेवा शर्त सिविल पुलिस के समान है, इसलिए उन्हें भी ट्रेनिंग प्रक्रिया में शामिल किया जाए। एकलपीठ ने पीएसी और आईआरबी के जवानों को सिविल पुलिस रैंकर्स सब इंस्पेक्टर की परीक्षा में बैठने के लिए पात्र नहीं माना था।
मुख्य स्थायी अधिवक्ता का कहना था कि पुलिस विभाग ने प्रक्रिया प्रारंभ करने के पश्चात नियमों में बदलाव किया। हेड कांस्टेबलों को उनके ट्रेनिंग कोर्स के नंबर दिया जाना अवैधानिक है। इस चुनौती को न्यायालय ने इस आधार पर खारिज कर दिया कि नियमों में कोई बदलाव नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद नहीं किया गया है और न ही हेड कांस्टेबल को ट्रेनिंग के नंबर दिया जाना गलत है।
हाईकोर्ट ने एकलपीठ के आदेश को किया निरस्त
पुलिस
हेड कांस्टेबल की नियुक्ति पदोन्नति के उपरांत होती है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस आधार पर दस हजार लोगों की चयन प्रक्रिया निरस्त नहीं की जा सकती।
हाईकोर्ट ने इसी मामले से संबंधित एक अन्य विशेष अपील को खारिज कर दिया, जिसमें आईआरबी अभ्यर्थियों ने यह मांग रखी थी कि उनका बेसिक कोर्स 18 माह को होता है। पुलिस एवं पीएसी का बेसिक कोर्स महज नौ माह को होता है। इस आधार पर अतिरिक्त नौ माह के कोर्स के लिए अलग से अंक दिए जाएं।
हाईकोर्ट ने माना कि 18 माह का कोर्स आईआरबी में नियुक्ति के लिए बेसिक कोर्स है। इसके बिना उनकी नियुक्ति नहीं की जा सकती। अत: उन्हें उस कोर्स के लिए अलग से कोई अंक नहीं दिए जा सकते।