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Uttarakhand: कैंसर से लड़ रहे IPS केवल खुराना ज़िंदगी की जंग हार गए, दिल्ली मैक्स अस्पताल में ली आख़िरी सांस

Mon, 24 Feb 2025 02:51 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

कैंसर से लड़ाई लड़ रहे आईपीएस केवल खुराना का निधन हो गया।  वर्तमान में उनके पास आईजी ट्रेनिंग की जिम्मेदारी थी। 
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IPS Kewal Khurana - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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लंबे समय से कैंसर से लड़ रहे आईपीएस केवल खुराना रविवार को ज़िंदगी की जंग हार गए। उन्होंने दिल्ली साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में आख़िरी सांस ली। खुराना वर्ष 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी थी। उनकी गिनती तेज तर्रार अफसरों में होती थी। वर्तमान में उनके पास आईजी ट्रेनिंग की जिम्मेदारी थी। उनके निधन से पुलिस महकमे शोक की लहर है।  

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देहरादून कैनाल रोड स्थित ऑफिसर कॉलोनी में उनके आवास पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। आईपीएस केवल खुराना वर्ष 2013 में राजधानी देहरादून के पुलिस कप्तान भी रह चुके थे। उस वक्त उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था के लिए बड़े फैसले लिए थे।



आज भी उनके उन प्रयासों के कारण लोग खुराना को याद करते हैं। इसके बाद उन्होंने ऊधमसिंहनगर के पुलिस कप्तान के रूप में जिम्मेदारी संभाली। केवल खुराना प्रदेश के पहले यातायात निदेशक भी बने। करीब चार सालों तक उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली। ट्रैफिक ऑय एप लांच कराने और यातायात सुधार के लिए उन्हें फिक्की की ओर से अवार्ड भी दिया गया था। 
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इसके बाद उन्हें जनरल कमांडेंट होमगार्ड बनाया गया। अपने इस कार्यकल में उन्होंने होमगार्ड के न सिर्फ कल्याण के लिए कदम उठाए बल्कि होमगार्ड को तरह तरह की आधुनिक ट्रेनिंग कराई। इनके हथियार चलाने से लेकर रेस्क्यू तक शामिल रहा।

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आईजी ट्रेनिंग रहते उन्होंने आईपीसी सीआरपीसी के उर्दू के शब्दों को बदलकर आम बोलचाल की भाषा हिंदी में पाठ्यक्रम शुरू कराया। खुराना बदायूं जिले के रहने वाले थे। उनके पिता टेंट कारोबारी होने के साथ साथ एक साहित्यकार भी हैं। साहित्य में केवल खुराना की रुचि भी थी। उन्होंने तुम आओगे ना नाम से एक गीत श्रृंखला लिखकर इसका ऑडियो एल्बम भी लांच कराया था।

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