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बच्चों को बर्बाद करने की 'फीस' महज 250 रुपया

Wed, 21 Aug 2013 09:31 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
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देहरादून में किशोर नशे के शिकार हो रहे हैं। इन्हें बढ़ावा देने के लिए शहर में हाई प्रोफाइल सुट्टा सेंटर से लेकर हुक्का बार खुले हुए हैं। यह सब सामने दिखने के बावजूद पुलिस बेबस और लाचार है।
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कारण कि पुलिस के पास ऐसे हुक्का बार के खिलाफ महज ढाई सौ रुपये चालान की कार्रवाई का अधिकार है। अब जिसने लाखों रुपये की लागत से हुक्का बार खोला हो, भला उसे ढाई सौ रुपये का चालान क्या डराएगा।

शहर में इस समय लगभग सात हुक्का बार संचालित किए जा रहे हैं। यह हुक्का बार बसंत विहार, कारगी चौक, कोतवाली क्षेत्र और राजपुर रोड पर है। इन हुक्का बार में फ्लेवर्ड हुक्का बार परोसा जाता है। इनके अधिकांश ग्राहक 18 साल से कम के बच्चे होते हैं।
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स्कूल बंक कर यहां पहुंचते हैं बच्चे
यह भी देखा गया है कि इन बच्चों में अक्सर वह होते हैं जो स्कूल बंक कर यहां पहुंचते हैं। अक्सर पुलिस को ऐसे हुक्का बार की शिकायत अभिभावकों से मिलती है। लगभग एक साल पूर्व जब पुलिस ने इन हुक्का बार के खिलाफ कार्रवाई की तो पता चला कि कानून में इनके खिलाफ कार्रवाई करने का कोई प्रावधान ही नहीं है।

इन्हें जिला प्रशासन से बार संचालित करने के लिए कोई लाइसेंस लेने की जरूरत ही नहीं पड़ती। ऐसे में पुलिस कार्रवाई करे भी तो किस अधिकार के साथ। जब किसी हुक्का बार की ज्यादा शिकायत आती है तो पुलिस सिगरेट व तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन एवं व्यापार के नियामक व व्यापार, सप्लाई व वितरण प्रतिबंध) अधिनियम 2003 के तहत महज ढाई सौ रुपये का चालान करती है।

इसके अलावा कुछ संदिग्ध होने पर पुलिस सैंपल ले सकती है और उसकी रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को देती है। एसएसपी केवल खुराना ने बताया अभी तक इस मामले में ठोस कानून नहीं है।
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