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उत्तराखंड: इन्वेस्टर्स समिट में पीएम मोदी बोले, 'भारत में विश्व के नेतृत्व की क्षमता'

Sun, 07 Oct 2018 03:14 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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प्रधानमंत्री मोदी को पुस्तक भेंट करते मुख्यमंत्री रावत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तराखंड में पहली बार आयोजित 'इन्वेस्टर्स समिट' का उद्घाटन किया। रविवार को देहरादून के रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दो दिवसीय 'उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट' का आगाज हुआ। प्रधानमंत्री मोदी सुबह करीब साढ़े 10 बजे वायुसेना के विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। जहां राज्यपाल बेबी रानी मौर्या और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी एमआई-17 विमान से कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

प्रधानमंत्री की लैंडिंग के साथ एयरपोर्ट से रायपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक जीरो जोन लागू कर दिया गया। एसपी ट्रैफिक स्वयं रूट पर मौजूद रहे। समिट का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने समिट में लगी प्रदर्शनी और स्टॉल्स का जायजा लिया। उनके साथ उत्तराखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज भी मौजूद रहे। इसके बाद प्रधानमंत्री को 360 डिग्री वीडियो के जरिए उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, वन, पर्यटन, बागवानी, धर्म और संस्कृति के नजारे दिखाए गए। इस दौरान राज्य में रोजगार की संभावनाएं भी दिखाई गई। उत्तराखंड की पारंपरिक वंदना 'दैंणा हुंय्या, खोलि का गणेशा' के साथ समिट का शुभारंभ हुआ। 30 कलाकारों के दल ने यह मांगल गीत प्रस्तुत किया। कलाकार उत्तराखंड के पारंपरिक परिधानों में सजे हुए थे। उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार के बाद देश-विदेश से आए बड़े निवेशकों ने अपने विचार रखे। निवेशकों के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी, उत्तराखंड राज्यपाल, सिंगापुर के मंत्री, चेक गणराज्य के राजदूत, मंत्रियों, उद्योग जगत की हस्तियों और निवेशकों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि अाज का दिन हमारे लिए सौभाग्य का है। उन्होंने 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड' प्राप्त करने पर पीएम मोदी को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को शॉल और दो पुस्तकें 'थ्रॉन्स ऑफ द गॉड्स' व 'क्राफ्ट्स ऑफ उत्तराखंड' भेंट की। इसके साथ ही पीएम मोदी को जौनसारी वस्त्र भेंट किया गया।

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अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता है, भारत वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन बनने वाला है। देश का वित्तीय घाटा कम हुआ, महंगाई दर नियंत्रण में है और मध्यम वर्ग तेजी से बढ़ रहा है। देश की 80 करोड़ जनसंख्या युवा होना डेमोग्राफिक डिविडेंड है। उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार और पैमाने पर आर्थिक सुधार हो रहे हैं वो अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट-2018 के उद्घाटन समारोह में संबोधित कर रहे थे।

देहरादून के रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की नामी कंपनियों से उत्तराखंड में निवेश के लिए आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यापार करने में आसानी) में 42 अंकों का सुधार हुआ है। 14 सौ से ज्यादा कानून खत्म किए गए हैं। टैक्सेशन में हुए सुधार से बैंकिंग सेक्टर मजबूत हुआ है। जीएसटी ने देश को एक बाजार में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा कि आधारभूत ढांचा विकास में हम तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। हर दिन 27 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बन रहे हैं। पहले की सरकारों की तुलना में यह दोगुना निर्माण है। चार सौ रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण करने के साथ 100 नए एयरपोर्ट और हेलीपेड बन रहे हैं। सौ से ज्यादा नेशनल वाटर वेज बनाए जा रहे हैं। चौतरफा विकास से देश-विदेश के निवेशकों के लिए सर्वोत्तम माहौल है। उन्होंने कहा कि देश, मेक इन इंडिया से आईटी के साथ इलेक्ट्रिक क्षेत्र का हब बन रहा है।
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उत्तराखंड में निवेश की अपार संभावनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में निवेश की असीम संभावनाएं हैं, इस दिशा में त्रिवेंद्र सरकार भरसक प्रयास कर रही है। डेस्टिनेशन उत्तराखंड का मंच इसी की अभिव्यक्ति है। बीते चार वर्ष में एमएसएमई को सशक्त करने के लिए कई कदम उठाए गए। हाल ही में लिए गए फैसले से एमएसएमई में एक करोड़ रुपये तक का ऋण बहुत कम समय में स्वीकृत होगा। ऐसे में उत्तराखंड आने वाले निवेशकों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।

पर्यटन और फूड प्रोसेसिंग का बनेगा हब
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन के हर क्षेत्र में संभावनाएं हैं। साहसिक पर्यटन से लेकर तीर्थाटन और मेडिकल टूरिज्म के लिए उपयुक्त माहौल है। 13 जिलों में 13 नए डेस्टिनेशन की पहल से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। फूड प्रोसेसिंग में सौ प्रतिशत एफडीआई से कृषि और कृषि आधारित व्यापार बढ़ेगा। उन्होंने निवेशकों से इस सेक्टर में सर्वाधिक निवेश का आग्रह किया।

मेडिकल सेक्टर की बदलेगी तस्वीर
पीएम मोदी ने कहा कि आयुष्मान योजना से हेल्थ और मेडिकल सेक्टर में निवेश में संभावना बढ़ी है। छोटे शहरों में अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और पैरामेडिकल कॉलेज बनेंगे। योजना से 50 करोड़ से अधिक जनसंख्या लाभांवित होगी। सरकार ने मरीज के इलाज के लिए पेमेंट की तैयारी कर ली है, जिससे निवेशकों को भी बड़ा अवसर मिलेगा।

एमओयू को धरातल पर उतारना होगा 
75 हजार करोड़ के एमओयू पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जो उत्साह व विश्वास एमओयू में प्रकट किया गया है, उसे अब धरातल पर उतारना होगा। केंद्र सरकार हर संभव सहयोग के लिए तैयार है। चार धाम ऑल वेदर रोड और ऋषिकेश रेल लाइन से कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

वन वर्ल्ड, वन सन, वन ग्रिड
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में सौर ऊर्जा पर सर्वाधिक फोकस होने की बात कही। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन का सबसे बड़ा सेक्टर बनने जा रहा है। वर्ष 2030 तक 40 प्रतिशत विद्युत उत्पादन रिन्यूवल एनर्जी का होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय वन वर्ल्ड, वन सन और वन ग्रिड का सिद्धांत का है।

'उत्तराखंड बहुत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है'

प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड बनाया और इसे विशेष राज्य का दर्जा दिया। उत्तराखंड बहुत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। राज्य में ऐसे कॉलेज हैं जिनका देशभर में नाम है। ये राज्य को खुशहाल बनाने में भागीदार बन रहे हैं। राज्य में उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए हमने एरोमेटिक, फिल्म शूटिंग, टूरिज्म, एग्रीकल्चर, ऑर्गेनिक खेती, हॉर्टीकल्चर, स्किल डेवलपमेंट सहित कई रोजगार क्षेत्रों को चिन्हित किया है। इस समय आने वाले निवेशकों के प्रस्ताव राज्य के दूरस्थ इलाकों के विकास करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ इलाकों के विकास पर जोरों से काम चल रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर काम चल रहा है। ऑल वेदर रोड पर काम चल रहा है। उड़ान योजना पर काम चल रहा है। कनेक्टिविटी की दृष्टी से देहरादून का एयरपोर्ट व्यस्त एयरपोर्ट में गिना जाने लगा है। देवबंद-रुड़की डायरेक्ट रेल लाइन का तोहफा मिला है। तेरह जिलों में तेरह नए डेस्टिनेशन पर काम किया जा रहा है। इसके साथ समिट में आने के लिए पीएम मोदी और निवेशकों का धन्यवाद किया।

निवेशकों ने क्या कहा...
इन्वेस्टर्स समिट में रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के मालिक मुकेश अंबानी ने भाग नहीं लिया। समिट में अंबानी का उत्तराखंड में निवेश योजनाओं को लेकर वीडियो संदेश दिखाया गया। उनके प्रतिनिधि के तौर पर रिलायंस समूह के अधिकारी महेंद्र नाहटा शामिल हुए।

समिट में भाग लेने पहुंचे अमूल डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर आर एस सोढ़ी ने कहा कि उत्तराखंड में जितने दूध की खपत है उसका केवल 15 प्रतिशत ही यहां उत्पाद होता है। बाकी 85 फिसदी दूध बाहर से आता है। आने वाले समय में उत्तराखंड दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी कर सकता है। चेक गणराज्य के राजदूत मिलॉन होवार्का ने नमस्कार कहकर अपना संबोधन शुरू किया और योगा को सराहा। उत्तराखंड की तेज गति से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि चेक गणराज्य उत्तराखंड के विकास के लिए तत्पर है। कहा कि बायो मास, सोलर एनर्जी और ऑटो मोबाइल के क्षेत्र में चेक गणराज्य और उत्तराखंड के बीच में बेहतर तालमेल हो सकता है। इसके बाद उन्होंने समिट का बुलावा देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को धन्यवाद कहा।

जापान के उच्चायुक्त ने कहा कि जापान और भारत के बीच हमेशा से अच्छे संबंध रहे हैं। इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी को जापान आने का निमंत्रण दिया। कहा कि हम उत्तराखंड को सैनिटेशन और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में सहयोग देंगे। अडानी ग्रुप के प्रणव अडानी के कहा कि हम उत्तराखंड ऑर्गेनिक कमॉडिटी मोड में निवेश कर रहे हैं। यहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं। पतंजलि की ओर से समिट में शिरकत कर रहे आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि 12 हजार से ज्यादा जड़ी बूटियां उत्तराखंड में उपलब्ध हैं। इनमें कई दुर्लभ जड़ी बूटियां भी हैं। पतंजलि ने 30 हजार लोगों को रोजगार दिया है। देश का पहला फूड पार्क उत्तराखंड में पतंजलि द्वारा संचालित है।

महिंद्रा ग्रुप की ओर से पवन कुमार गोयंका ने पीएम मोदी, उत्तराखंड की राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों , अधिकारियों और निवेशकों का अभिवादन किया। कहा कि यहां का चारधाम दुनिया भर में प्रसिद्ध है। राज्य की स्थापना से लेकर अभी तक महिंद्रा ने उत्तराखंड के विकास में योगदान दिया। अभी तक महिंद्रा ने राज्य में 16 लाख गाड़िया और ट्रैक्टर बनाए हैं। राज्य की प्रगति की मनोकामना करते हुए उन्होंने उपस्थित निवेशकों से यहां निवेश करने का आग्रह किया। सिंगापुर के सूचना तकनीक और संचार मंत्री एस ईश्वरन ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ की और कहा कि टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। सिंगापुर उत्तराखंड के विकास में सहायक बनेगा। सिंगापुर के मंत्री ने कहा कि बदरीनाथ जाकर मुझे पता लगा की उत्तराखंड को देवभूमि क्यों कहा जाता है।

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केंद्रीय मंत्री और केंद्रीय मंत्रालय के अफसर भी सम्मेलन में मौजूद

समिट में केंद्रीय मंत्री और केंद्रीय मंत्रालय के अफसर भी सम्मेलन में मौजूद हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और प्रदेश कैबिनेट मंत्री, सांसद व विधायक अतिथियों की अगवानी कर रहे हैं। इन्वेस्टर्स समिट में देश दुनिया के डेढ़ हजार से ज्यादा निवेशक व डेलीगेट्स शामिल हो रहे हैं। अब तक 80 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव सरकार को मिले हैं। वहीं 70 हजार करोड़ के प्रस्तावों पर निवेशकों के साथ करार हुआ है।

राज्य गठन के बाद से उत्तराखंड में अब तक जितना औद्योगिक निवेश हुआ है। उससे दोगुने निवेश के प्रस्ताव सरकार को इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से मिले हैं। 2001 से लेकर 2017 तक राज्य में एमएसएमई सेक्टर व बड़े उद्योगों में कुल 48 हजार करोड़ का निवेश हुआ है। जबकि समिट के आयोजन से सरकार को प्रदेश में 80 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इसमें 70 हजार करोड़ के प्रस्ताव पर निवेशकों के साथ करार हो चुका है। ये निवेश धरातल पर उतरे तो उत्तराखंड के औद्योगिक विकास की तस्वीर बदलेगी और करीब दो लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इसके बाद प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी के लिए प्रदेश से पलायन नहीं करना पड़ेगा। 

कोर सेक्टर
उत्तराखंड में निवेश के लिए सरकार ने 12 कोर सेक्टर चिन्हित किए हैं। इसमें आयुष व वेलनेस, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, हार्टिकल्चर एंड फ्लोरीकल्चर, फार्मास्युटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, नेचुरल फाइबर, बायो टेक्नोलॉजी, सोलर ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, हर्बल एंड ऐरोमेटिक, फिल्म शूटिंग सेक्टर में निवेश के लिए निवेशकों की ओर इच्छा जताई गई। 
 
छोटे उद्योगों में ज्यादा रोजगार
राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) में कम निवेश पर रोजगार की ज्यादा संभावना है। वर्ष 2016-17 तक प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र में 55 हजार उद्योग स्थापित किए गए। इसमें 11 हजार 600 करोड़ का निवेश किया गया। इसमें 2.72 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला। जबकि प्रदेश में 273 बड़े उद्योगों में 35 हजार करोड़ का निवेश कर 1.32 लाख लोगों को ही रोजगार मिला है।

औद्योगिक पैकेज से मिली राज्य में उद्योगों को गति
राज्य गठन के समय उत्तराखंड में 9000 करोड़ का पूंजी निवेश था। जो बढ़ कर 35000 करोड़  तक पहुंच गया है। वर्ष 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी ने नैनीताल में उत्तराखंड के लिए औद्योगिक पैकेज की घोषणा की थी। वर्ष 2004 के बाद उत्तराखंड में औद्योगिक विकास में तेजी आई। एमएसएमई और बड़े उद्योगों में अब तक राज्य में करीब 48 हजार करोड़ का निवेश हुआ है।
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