देहरादून। राजधानी और तीर्थनगरी ऋषिकेश में चार चिटफंड कंपनियों ने आरडी, एफडी व अन्य बचत स्कीमों पर आकर्षक ब्याज का लालच देकर लोगों से निवेश कराया और स्कीम मेच्योरिटी पर भुगतान से इनकार कर दिया। पीड़ितों में से 16 लोग पुलिस तक पहुंचे और उनकी तहरीर पर कंपनियों के निदेशक समेत नौ लोगों के खिलाफ कैंट कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। अभी तक 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह रकम और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कैंट पुलिस के मुताबिक प्रेम क्षेत्री निवासी दीपनगर अजबपुर कलां सहित 16 लोगों ने तहरीर दी कि महेश कुमार सहित नौ लोगों ने देहरादून और ऋषिकेश में सर्वोत्तम एग्रो को ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, सर्वोत्तम जनश्री संचय निधि, सर्वोत्तम एग्रो स्वायत्त सहकारिता रॉयल इंटरप्राइजेज, विंग वेंचर कॉपोरेट नाम से फाइनेंस कंपनियां खोली। कंपनी की ओर से एफडी, आरडी, बचत खाता खोलकर ज्यादा ब्याज का प्रभोलन दिया गया। कई लोगों ने इनकी स्कीमों में धनराशि लगाई। शुरुआत में कुछ लोगों के कंपनी की ओर से लाभ मिला जिससे निवेश करने वालों का भरोसा बढ़ा और कई और लोगों ने भी इन कंपनियों में खाते खुलवाए। अब कंपनी स्कीम की मेच्योरिटी पर भुगतान से इनकार कर दिया है। यह रकम 27 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
शिकायत के बाद पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर महेश कुमार निवासी प्रकाश विहार हरिद्वार बाईपास रोड अजबपुर, डायरेक्टर राजेंद्र सिंह बिष्ट गुमानवाला ऋषिकेश, वाईस प्रेसीडेंस पिताम्बर पाल, बैरागीवाला सहसपुर, मार्केटिंग हेड शेखर पुंडीर, शामली, देवेंद्र कुमार मिश्रा, जानकी पुरम लखन पंकज मिरा, पीएनवी इज्जत नगर बरेली, संजीव मिश्रा निवासी बरेली, दीपक राजपूत निवासी बिजनौर और मौहम्मद इरफान निवासी शेरपुर विकासनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।