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Iजांच रिपोर्ट में सामने आया कि कंपनी को किया जा चुका है सात करीब सात करोड़ का भुगतानI
Iशीशमबाड़ा में नेकोफ को कूड़ा निस्ताण के लिए किए गए भुगतान की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अब एमओयू के क्लॉज नंबर 4.1 पर आकर यह जांच अटक गई है। सूत्रों की मानें तो यही वह क्लॉज है जो कंपनी को किए जाने वाले भुगतान के नियम को स्पष्ट करता है। डीएम सविन बंसल समेत दो आईएएस जहां भुगतान को गलत बता चुके हैं वहीं निगम के कुछ अधिकारी इस क्लॉज को आधार बनाकर भुगतान को जायज ठहराने में जुटे हैं।I
Iशीशमबाड़ा में कूड़ा निस्तारण संयंत्र में नेकोफ कंपनी काम संभाल रही है। कंपनी को नगर निगम 80 प्रतिशत प्रोसेसिंग पर भुगतान कर रहा था, जबकि आउटपुट मात्र 40 प्रतिशत ही आ रहा था। डीएम सविन बंसल ने इस गड़बड़ी को पकड़ा था और आउटपुट के हिसाब से भुगतान के निर्देश दिए थे। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की बात कही थी। इसके बाद नगर निगम कमिश्नर नमामि बंसल ने जांच बैठा दी थी। सूत्रों की मानें तो यह जांच अंतिम चरण में है। जांच में सामने आया है कि अभी तक नेकोफ को करीब सात करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और जुलाई के बाद से भुगतान रोका गया है। हालांकि अभी अंतिम रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है।
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Iनगर निगम और कंपनी के बीच हुए एमओयू में क्लॉज नंबर 4.1 है। इस क्लॉज में ही भुगतान का जिक्र किया गया है। इसके आधार पर माना जा रहा है कि भुगतान कंपोस्ट, आरडीएफ आदि के आउटपुट पर किया जाएगा। जबकि निगरानी करने वाली कंपनी सहित निगम के कुछ अधिकारी इसकी अलग व्याख्या कर रहे हैं। इसी से जो विरोधाभास पैदा हो रहा है वहीं जांच अटकी हुई है। अभी फाइनल रिपोर्ट नहीं बनी है।I
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Iअभी जांच चल रही है, फाइनल रिपोर्ट नहीं आई है। सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद आगे कदम उठाया जाएगा।
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I-नमामि बंसल, नगर आयुक्तI