इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि योग से भारत ने पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि योग महोत्सव में विश्व के 11 देशो एवं देश के नौ राज्यों के योगाचार्यों, शिक्षक एवं योग प्रेमियों ने प्रतिभाग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि उत्तराखंड को योग के हब और ऋषिकेश को विश्व योग के केंद्र बिंदु के रुप में स्थापित करने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर कार्य किया है। योग को पर्यटन से जोड़ने और योग के साथ-साथ पर्यटन हब के रुप में उत्तराखंड को विकसित करने के लिए सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि दिनों दिन यहां योग के लिए बड़ी संख्या में साधक पहुंच रहे हैं। योग के माध्यम से पूरे विश्व में उत्तराखंड के योग प्रशिक्षकों को अलग पहचान मिली है। इस अवसर पर जूना अखाड़ा पीठाधीश्वर महंत अवधेशानंद गिरी, ग्रैंड मास्टर अक्षत, जीवन प्रबंधन के गुरु गौर गोपाल, योगिनी उषा माता आदि ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत, जीएमवीएन अध्यक्ष महावीर सिंह रांगड़, मेयर अनिता ममगाईं, नगर पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, जीएमवीएन निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव, एडिशनल सेकेट्री यूपी अवनीश अवस्थी, डीएम टिहरी वी षणमुगम, राज्यमंत्री भगतराम कोठारी, कृष्ण कुमार सिंघल, एसएसपी टिहरी योगेंद्र सिंह रावत, सीओ प्रमोद शाह, थाना प्रभारी आरके सकलानी, पीआरओ पर्यटन आरपी ढौंडियाल आदि उपस्थित थे।
योगी ने सुनाया गोरखपुर का वाक्या
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग के साथ स्वच्छ भारत मिशन को घर-घर पहुंचाने की अपील की। उन्होंने गोरखपुर जिले मेें पूर्व में कई वर्षों से गंदगी फैलाने वाली बीमारियों से हो रही मासूम बच्चों की मौतों का वाक्या भी सुनाया। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन की सहायता से ही वर्तमान समय में गोरखपुर में मासूम बच्चों की मौत पर नियंत्रण पाया जा सका है।