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प्रमोशन में आरक्षण: आमने-सामने आए सरकार और कर्मचारी, अब राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी

Sun, 01 Mar 2020 12:39 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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प्रमोशन पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर जनरल ओबीसी कर्मचारी और सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है। सरकार कर्मचारियों की मांग पर कोई फैसला लेने को तैयार नहीं है। वहीं कर्मचारी दो मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल के फैसले पर अडिग हैं।

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तीन मार्च को जनरल ओबीसी कर्मचारियों ने गैरसैंण कूच और पांच मार्च से आवश्यक सेवाएं ठप करने का एलान किया है। इससे तीन मार्च से भराड़ीसैंण में शुरू हो रहे विधानसभा बजट सत्र के दौरान सरकार को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। 

रोक न हटने तक जारी रहेगा आंदोलन : दीपक जोशी
उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंपलाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा सरकार के सामने ऐसी क्या मजबूरी आ गई है कि प्रमोशन पर लगी रोक को नहीं हटा पा रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद भी कर्मचारियों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है। सरकार को प्रमोशन पर रोक हटाने के लिए काफी समय दिया गया। लेकिन हठधर्मिता के चलते पुराने आदेश को रद्द नहीं किया जा रहा है। 
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अब सरकार के खिलाफ कर्मचारी आरपार की जंग के लिए तैयार हैं। जब तक प्रमोशन पर रोक नहीं हटाई जाती, तब तक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। जोशी का कहना है कि प्रदेश सरकार को एसोसिएशन ने यह भी कहा कि सत्र के बाद प्रमोशन पर रोक हटाने का लिखित आश्वासन उन्हें दिया जाए। सरकार जब एसोसिएशन को आश्वस्त करने के लिए तैयार नहीं है तो कर्मचारी किस आधार पर आंदोलन वापस करें।

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक से हुए वार्ता में एसोसिएशन की ओर से पहल की गई थी। उन्होंने कहा कि वार्ता के दो दिन बाद भी सरकार की ओर से ऐसे कोई संकेत नहीं मिल रहे कि प्रमोशन पर लगी रोक हटेगी। ऐसेे में एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आंदोलन तभी समाप्त होगा जब प्रमोशन पर रोक हटेगी। दो मार्च को पूरे प्रदेश के जनरल ओबीसी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। आंदोलन में शामिल होने के लिए कर्मचारियों की ओर से शपथ पत्र दिए जा रहे हैं। तीन मार्च को गैरसैंण कूच होगा और पांच मार्च को एसोसिएशन आवश्यक सेवाएं भी रोक देगी। 

कर्मचारियों की मांगों पर सरकार गंभीर: मदन कौशिक

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर गंभीर है। इसी सिलसिले में दो दिन पहले सभी कर्मचारी संगठनों के साथ वार्ता की गई। सरकार ने उनकी कई मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। अटल आयुष्मान योजना में कर्मचारियों को असीमित कैशलेस इलाज की सुविधा दी गई। 

कौशिक ने कहा कि सरकार ने कर्मचारी संगठनों से विधानसभा सत्र तक अपने आंदोलन को स्थगित करने की बात कही थी। सरकार उनके प्रत्येक मांग को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है। लेकिन कोई भी निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया जा सकता। कौशिक का कहना है कि हड़ताल करना समस्या का समाधान नहीं है। वार्ता से ही हल निकलता है। सरकार ने कर्मचारियों से संवाद जारी रखा है।

सरकार कर्मचारियों को आश्वस्त करना चाहती है कि सत्र के बाद उनकी हर मांग का हल तलाशा जाएगा। कर्मचारी अगर अपना आंदोलन जारी रखते हैं तो उसका असर विधानसभा सत्र पर न पड़े। इसके लिए आवश्यक कदम उठा लिए गए हैं। सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सत्र के लिए नोडल अधिकारी नामित कर लिया जाए। इससे समय पर सूचनाएं उपलब्ध हो सकेंगी। 
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उत्तराखंड से होगा राष्ट्रीय आंदोलन का आगाज

प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में उत्तराखंड समेत कई राज्यों के जनरल ओबीसी कर्मचारी संगठनों ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। दो मार्च को उत्तराखंड के कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली में कर्मचारी संगठन धरना देंगे और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन प्रेषित करेंगे।

यमुना कॉलोनी स्थित मनोरंजन सदन में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय समानता मंच के अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष एम नागराज ने कहा कि वे 28 साल से प्रमोशन में आरक्षण समाप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके जीवन का एक मात्र लक्ष्य प्रमोशन में आरक्षण को समाप्त करना है। उत्तराखंड से प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन खड़ा किया जाएगा। यदि हमने यह मौका गंवा दिया तो भविष्य में कोई भी संघर्ष नहीं होगा।

उत्तर प्रदेश समानता मंच के अध्यक्ष एनएच पांडे ने कहा कि 27 अप्रैल 2012 को आए न्यायालय के फैसले को सरकार ने आठ मई 2012 को लागू किया, लेकिन उत्तराखंड सरकार सुप्रीम कोर्ट के सात फरवरी को दिए आदेशों का पालन नहीं कर रही है। उत्तर प्रदेश के कर्मचारी भी दो मार्च को धरना प्रदर्शन करेंगे। 

आंदोलन को इन कर्मचारी संगठनों का समर्थन
उत्तराखंड जनरल ओबीसी कर्मचारी एसोसिएशन के आंदोलन का कई राज्यों के कर्मचारियों ने समर्थन किया है। सर्वजन हिताय रक्षण समिति, पंजाब जनरल कर्मचारी वेलफेयर फेडरेशन, सामान्य पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था(सपाक्स) मध्य प्रदेश, अखिल भारतीय समानता मंच, आजाद मंच के साथ तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के कर्मचारियों ने आंदोलन का समर्थन किया है। 
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