अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में पहुंचे आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर
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परमार्थ निकेतन में 31वें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के दूसरे दिन आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड योग भूमि है। योग से ही सभी रोगों का निदान संभव है। उन्होंने लोगों की समस्याओं के समाधान भी बताए। कहा कि योग हमें अंतरात्मा के दर्शन कराता है, प्रकृति से जोड़ता है। जो योग को अपने जीवन में धारण करता है उसके चेहरे पर कभी शिकन नहीं आती।
श्रीश्री रविशंकर ने योग साधकों को ध्यान का अभ्यास भी करवाया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देश दुनिया से आए साधकों का स्वागत किया। महोत्सव के दूसरे दिन पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू समेत कई गणमान्य लोगों ने शिरकत की। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग के आधार पर ही बीटल्स महर्षि योग आश्रम चौरासी कुटिया में आए थे। उन्होंने यहां विश्व प्रसिद्ध गाने लिखे। एक गाने में संस्कृत के एक श्लोक का उल्लेख भी किया गया है।
चिदानंद मुनि ने बताया कि योग के माध्यम से एकता, विश्वास, प्रेम और बंधुत्व का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि योग महोत्सव में विभिन्न प्रकार के योग सिखाए जाएंगे। इसके अलावा ध्यान, मुद्रा, मंत्र, आयुर्वेद, होम्योपैथी चिकित्सा आदि भी सिखाई जाएंगी।
वहीं महोत्सव के पहले दिन 50 देशों के 700 योग साधकों और प्रशिक्षुओं ने पंजीकरण करवाया। इस दौरान योग साधकों ने गंगा तट पर योग विद्याओं का अभ्यास भी किया। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की ओर से परमार्थ निकेतन में आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय के प्रहृलाद पटेल, महामंडलेश्वर स्वामी असंगानन्द सरस्वती, आश्रम परमाध्यक्ष चिदानन्द मुनि एवं जीवा की अंतरराष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती ने दीप जलाकर शुभारंभ किया।