उत्तराखंड पर्यटन विभाग और परमार्थ निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज सोमवार को हो रहा है।
योग महोत्सव में 70 से अधिक देशों के 1100 योग साधक योग के गुर सीखने के साथ ही इसके प्रचार प्रसार का भी संकल्प लेंगे। महोत्सव की तैयारियों को लेकर पर्यटन सचिव शैलेश बगौली ने पत्रकार वार्ता में बताया कि एक से सात मार्च तक अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के अलावा आठ मार्च से लेकर 10 मार्च तक हरिद्वार में योग महाकुंभ का भी आयोजन होगा।
हरिद्वार में हर शनिवार और रविवार को योग प्राणायाम के शिविर आयोजित किए जाएंगे। योग के क्षेत्र में उत्तराखंड अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर स्थापित हो सके इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से महात्वाकांक्षी योजना बनाई जा रही है। जिसके तहत राज्य के विभिन्न इलाकों में योग महोत्सव आयोजित होंगे।
परमार्थ निकेतन परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि योग का पूरी दुनिया में प्रचार प्रसार हो रहा है। विदेशों में न तो हिमालय है और न ही मन की शांति हैं। ऐसे में पूरी दुनिया के लोग शांति पाने के लिए भारत का रुख कर रहे हैं। जहां तक योग महोत्सव का सवाल है तो तैयारियां पूरी है। योग महोत्सव में 70 देशों के 1100 योग साधकों के अलावा 25 देशों के योग गुरू शिरकत कर रहे हैं।
इस बार योग महोत्सव का उद्देश्य ‘ईच वन- रीच टेन’ है। योग महोत्सव के जरिए पूरी दुनिया को पवित्र और सुरक्षित उत्तराखंड का संदेश दिया जाएगा। गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक सी. रविशंकर ने बताया कि एक दिन के पास के लिए योग साधकों को 1000 रुपये और छात्रों से 500 रुपये लिए जा रहे हैं। जीएमवीएन की ओर से 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।