वरिष्ठ भाजपा नेत्री एवं प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा वंदना बिष्ट की कौलागढ़ निवासी छोटी बहन अर्चना बिष्ट ओएनजीसी में कार्यरत सिंगल मदर हैं। जिन्होंने भारत का नाम शॉटपुट (भाला फेंक) में मलयेशिया में रोशन किया है।
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मलयेशिया इंटरनेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दून की अर्चना बिष्ट ने स्वर्ण पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया है। खिलाड़ी अर्चना बिष्ट ओएनजीसी में सहायक सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं। ओएनजीसी के अधिकारियों-कर्मचारियों और अर्चना बिष्ट के परिजनों ने उन्हें इसके लिए बधाई दी है।
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वरिष्ठ भाजपा नेत्री एवं प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा वंदना बिष्ट की कौलागढ़ निवासी छोटी बहन अर्चना बिष्ट ओएनजीसी में कार्यरत सिंगल मदर हैं। जिन्होंने भारत का नाम शॉटपुट (भाला फेंक) में मलयेशिया में रोशन किया है। उन्होंने बताया कि तीन और चार दिसंबर को मलयेशिया में आयोजित इस चैंपियनशिप में 49 वर्षीय अर्चना बिष्ट ने यह खिताब अपने नाम किया है।
अर्चना बिष्ट के पिता ओएनजीसी में कार्यरत थे। जबकि मां प्रधानाध्यापिका थीं। खेल के अलावा वंदना बिष्ट के साथ-साथ अर्चना बिष्ट भी सामाजिक कार्य करती हैं। अर्चना आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों फ्री कोचिंग भी देती हैं। अर्चना बिष्ट के कोच जगजीत सिंह भी ओएनजीसी में खिलाड़ी हैं। कुआलालंमपुर मलयेशिया में आयोजित इस चैंपियनशिप में भारत से 56 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
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अर्चना बिष्ट इससे पहले 2016 में ऑस्ट्रेलिया में प्रतिभाग कर चुकी हैं। अर्चना बिष्ट इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक फेडरेशन की लेवल वन कोच भी हैं। इनके द्वारा तैयार किए गए बच्चों ने इसी साल नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता गुवाहाटी में प्रतिभाग करते हुए बेहतर प्रदर्शन किया।