उन्होंने प्रतिदिन भस्त्रिका प्राणायाम, कपालभाति, भ्रामरी, पदहस्त आसन, अर्द्धचक्रासन, वीरभद्रासन, पर्वतासन, भुजंगासान शुरू कर दिया। सिर्फ दो वर्ष में ही उनके नशे की लत छूट गई। दर्शन सिंह ने बताया कि उन्होंने 2014 से कोई दवाई नहीं खाई।
इसके बाद उन्होंने बड़े भाई के साथ ही गांव के पांच लोगों के नशे की लत को भी योग के माध्यम से छुड़वा दिया। इसके बाद उन्होंने योग को स्वरोजगार का जरिया भी बना लिया। अब वे लोगों को योग भी सिखाते हैं। कई लोगों को वे योग से निरोग बना चुके हैं।